छल कर बीमा की राशि हड़पी, दो गिरफ्तार
महासमुंद। क्लेम प्रक्रिया से बचने के लिए सड़क दुर्घटना के आरोपी को बचाकर उसकी जगह अन्य व्यक्ति को आरोपी बनाकर छल करने वाले दो आरोपियों को बागबाहरा पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों द्वारा स्वयं के द्वारा क्लेम की राशि न दिया जाकर बीमा कंपनी के माध्यम से दिलाए जाने हेतु षडयंत्र रचा गया था।
पुलिस ने घटना को लेकर बताया कि प्रार्थी टाटा एआईएस जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड रायपुर ने बागबाहरा पुलिस से एक दुर्घटना में हुई मौत के मामले में शिकायत की थी, जिसमें उन्होंने बताया कि दुर्घटना में अन्य चालक को आरोपी बनाकर चालान पेश कर फर्जी रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। विवेचना दौरान पुलिस को पता चला कि वाहन स्वामी शिवकुमार पटेल ने बाइक अपने परिचित के रेवाराम दीवान को देना और उसी के द्वारा दुर्घटना करना बताया, जिसके आधार पर आरोपी परकोम, थाना कोमाखान निवासी रेवाराम दीवान से पूछताछ की। आरोपी ने दुर्घटना करना और घटनास्थल पर मृत्यु हो जाने से डर के कारण बाइक छोड़कर भागना बताया।
उक्त प्रकरण में थाना बागबाहरा में उपलब्ध रिकार्ड के अवलोकन पर शिवकुमार पटेल ने बीमा कंपनी के अन्वेषक सनत जलक्षत्री के विरूद्ध प्रस्तुत शिकायत जांच की गई थी, उक्त शिकायत जांच में आवेदक शिव कुमार पटेल तथा रेवाराम दीवान से पूछताछ दौरान बाइक क्र.सीजी 04 एमयू 4995 के स्वामी शिवकुमार पटेल के द्वारा 25 अप्रैल 2024 को अपने भतीजे इंदल पटेल द्वारा उसकी उक्त बाइक से खल्लारी मेला देखकर आने के दौरान दुर्घटना किया जाना, जिससे इंदल को चोटिल हो जाना, जिसका एम्स रायपुर में लॉज कराना, थाना बागबाहरा पुलिस द्वारा घटना के संबंध में पूछताछ दौरान अपने भतीजा इंदल पटेल के पास ड्राइविंग लाइसेंस न होने से, रेवाराम दीवान द्वारा गाड़ी चलाना बताया गया। बीमा कंपनी के समक्ष सच्चाई सामने आने से अपने बचाव हेतु थाना बागबाहरा में गलत आवेदन देते हुए अपने आवेदन पर कार्रवाई नहीं चाहना बताया।
पुलिस ने थाना बागबाहरा में उपलब्ध रिकार्ड एवं वरिष्ठ कार्यालय से प्राप्त प्रतिवेदन में संलग्न दस्तावेजों के अवलोकन से बाइक सीजी 04 एमयू 4995 के स्वामी शिवकुमार पटेल तथा रेवाराम दीवान द्वारा छल करते हुए, इंदल पटेल को सड़क दुर्घटना के आरोप से बचाने के उद्देश्य से साक्ष्य छिपाना, पुलिस के समक्ष भ्रामक एवं असत्य जानकारी प्रस्तुत किया जाना पाया गया। जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ धारा 193, 212, 419, 420, 120 बी भादवि के तहत कार्रवाई की गई।
