सड़क पर घूमने वाले जानवारों की वजह से हो रही दुर्घटना को रोकने बैठक

गरियाबंद, 21 अक्टूबर 2024। कलेक्टर दीपक कुमार अग्रवाल के निर्देश पर सोमवार को पशुधन विकास विभाग द्वारा सड़क पर घुमंतू पशुओं के कारण हो रही दुर्घटनाओं को रोकने के लिए बैठक ली गई। कलेक्टर ने उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार सड़कों पर घुमंतू पशुओं के आ जाने के कारण हो रही दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए थे। इस संबंध में पशु चिकित्सा एवं सेवाएं के उप संचालक ओ.पी. तिवारी ने ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव, कोटवार एवं पंचायत व पशुपालन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों की बैठक लेकर कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गो पर जहां मवेशी बैठते है और जिसके कारण दुर्घटना होनी की संभावना बनी रहती है। जिसमें पशुओं के साथ जनहानि भी हो सकती है। ऐसे राष्ट्रीय राजमार्ग में आने वाले गांवों सहित पशुओं के लिए सुरक्षित समुचित व्यवस्था करना होगा, जिससे मवेशी सड़क पर ना आए। इस कार्य को सभी को सामुहिक प्रयास एवं जिम्मेदारीपूर्वक करना होगा। मवेशियों को सड़क से हटाकर कांजीहाऊस, गौशाला, गौठान में रखने कहा। पशुओं का चिन्हांकित होने पर पशु मालिकों पर अर्थदण्ड अधिरोपित करने कहा और उन्हें खुले में पशुओं से होनी वाली जनहानि एवं पशु हानि के संबंध में समझाईश देने कहा। जिससे वे खुले में पशुओं को नहीं छोड़े। पशु पालकों को पशुओं के लिए चरवाहे की व्यवस्था करने को कहा। पालतु एवं घुमंतू पशुओं का चिन्हांकन कर पालतु पशुओं का टैगिंग का कार्य पशु पालकों के घर में जाकर शत प्रतिशत करें। इस कार्य के लिए उन गांवों पर अधिक फोकस करें, जहां के अधिकांश पशु सड़क पर बैठ जाते है। पालतु पशुओं के कानों पर पीले रंग से टैगिंग करें, इसके लिए विभागीय अमले सहित संबंधित पशु पालक, पंचायतकर्मी एवं कोटवार से सहयोग ले। उन्होंने पशुओं के कारण हो रही सड़क दुर्घटनाओं के संबंध में पशुमालिकों को जागरूक करने कहा। उन्होंने सरपंच एवं सचिवों को मवेशियों के लिए अपने-अपने स्तर पर गांव में उचित व्यवस्था करने कहा, जिससे पशु सड़क पर नहीं बैठे। डॉ तिवारी ने विभागीय अधिकारी-कर्मचारियों को कहा कि जिले के सभी कांजी हाउस में रखे मवेशियों की नियमित जांच करें। बैठक में उपस्थित लोगों ने अपने-अपने विचार भी साझा किए। इस अवसर पर जनपद पंचायत गरियाबंद के सीईओ अमजद जाफरी, एलडीएम मो. मोफिज उपस्थित थे।