खेल प्रतिभाओं को मिला मंच, नाचा-गम्मत ने बांधा समां
जुनवानी कला में रात्रिकालीन कबड्डी के फाइनल में पहुंचे जिला पंचायत उपाध्यक्ष, घुंचापाली कला में छत्तीसगढ़ी लोककला का लिया आनंद
महासमुंद। खल्लारी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम जुनवानी कला कमारपारा और घुंचापाली कला में सोमवार रात खेल और संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिला। जुनवानी कला में रात्रिकालीन कबड्डी प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले का आयोजन हुआ, वहीं घुंचापाली कला में छत्तीसगढ़ी नाचा-गम्मत कार्यक्रम ने ग्रामीणों का मनोरंजन किया। दोनों आयोजनों में जिला पंचायत महासमुंद के उपाध्यक्ष भीखम सिंह ठाकुर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
जुनवानी कला कमारपारा में आयोजित कबड्डी प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले में भीखम सिंह ठाकुर ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया और उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह की खेल प्रतियोगिताएं युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर देती हैं। साथ ही खेलों के माध्यम से युवाओं में अनुशासन, टीम भावना और प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होती है। उन्होंने ग्रामीण स्तर पर खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
इस अवसर पर सरपंच नरेंद्र ठाकुर, उपसरपंच राधे साहू, ओमप्रकाश ध्रुव, खेलावन ध्रुव, देवा साहू, चीकू देवांगन, रोशन पटेल, ज्ञानसिंह ध्रुव, रूपेश तिवारी, गजेंद्र साहू, नेमी चंद बरिहा एवं नेतू ध्रुव सहित आयोजन समिति के सदस्य, खिलाड़ी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
नाचा-गम्मत में दिखी छत्तीसगढ़ी संस्कृति की झलक
इसी क्रम में ग्राम घुंचापाली कला में आयोजित रात्रिकालीन छत्तीसगढ़ी नाचा-गम्मत कार्यक्रम में भी भीखम सिंह ठाकुर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियों का आनंद लिया और छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोककला एवं सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने में कलाकारों के योगदान की सराहना की।
उन्होंने कहा कि नाचा-गम्मत जैसे पारंपरिक लोक आयोजन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी को अपनी लोक परंपराओं और संस्कृति से जोड़ने का अवसर मिलता है। कार्यक्रम में उन्होंने ग्रामीणों से आत्मीय मुलाकात भी की।
कार्यक्रम में सरपंच देवकुमार बरिहा, ओमप्रकाश ध्रुव, सामाजिक कार्यकर्ता, बागबाहरा मंडल उपाध्यक्ष चंद्रशेखर ध्रुव, श्रीराम यादव, हरि यादव, उत्तम बरिहा, विक्की यादव, युगल नायक, तारेंद्र चंद्राकर एवं कार्तिक निषाद सहित आयोजन समिति के सदस्य और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।
दोनों आयोजनों के दौरान ग्रामीणों में खासा उत्साह और उमंग देखने को मिला। एक ओर जहां कबड्डी प्रतियोगिता ने स्थानीय खेल प्रतिभाओं को मंच दिया, वहीं नाचा-गम्मत ने छत्तीसगढ़ी लोककला और संस्कृति की जीवंत झलक प्रस्तुत की। आयोजनों के माध्यम से क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने और पारंपरिक लोककला के संरक्षण का संदेश भी सामने आया।
