पुरानी मंडी परिसर के आसपास का अतिक्रमण हटाया, 5 करोड़ से बनेगा कृषि व्यवसायिक परिसर
विधायक की पहल पर प्रशासन की कार्रवाई; 27 दुकानों का होगा निर्माण, 40% दुकानें एग्री-बिजनेस व गौ उत्पाद के लिए आरक्षित
महासमुंद। कृषि उपज मंडी समिति महासमुंद के पुराने मंडी परिसर के आसपास लंबे समय से किए गए अतिक्रमण को जिला प्रशासन ने हटवा दिया है। मंडी परिसर की भूमि का व्यवस्थित उपयोग करते हुए यहां करीब 5 करोड़ रुपए की लागत से कृषि आदान सह व्यवसायिक परिसर विकसित किया जा रहा है। इस परिसर में कुल 27 दुकानों का निर्माण कराया जा रहा है। इससे कृषि गतिविधियों से जुड़े व्यवसाय को बढ़ावा मिलने के साथ मंडी क्षेत्र को भी व्यवस्थित स्वरूप मिलने की उम्मीद है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुरानी मंडी परिसर के आसपास अतिक्रमण की स्थिति की जानकारी विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा के संज्ञान में आने के बाद उन्होंने जिला प्रशासन को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए मंडी परिसर के आसपास किए गए अतिक्रमण को हटवा दिया।
5 करोड़ की लागत से विकसित हो रहा व्यवसायिक परिसर
कृषि उपज मंडी समिति द्वारा उक्त भूमि में लगभग 5 करोड़ रुपए की लागत से कृषि आदान सह व्यवसायिक परिसर का निर्माण कराया जा रहा है। प्रस्तावित परिसर में कुल 27 दुकानें बनाई जा रही हैं। इसका उद्देश्य कृषि क्षेत्र से जुड़े व्यवसायों को एक व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराना है, ताकि किसानों को भी कृषि संबंधी सामग्री और सेवाएं एक ही स्थान पर आसानी से उपलब्ध हो सकें।
40 फीसदी दुकानें एग्री-बिजनेस और गौ उत्पाद के लिए
परिसर में बनने वाली दुकानों में से 40 प्रतिशत दुकानें एग्री-बिजनेस एवं गौ उत्पाद के लिए आरक्षित रहेंगी। वहीं शेष 60 प्रतिशत दुकानों का आवंटन मंडी के नियमों के तहत नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा। इससे एक ओर कृषि आधारित कारोबार को प्रोत्साहन मिलेगा, वहीं दूसरी ओर मंडी समिति को राजस्व प्राप्त होने की संभावना है।
फल-सब्जी विक्रेताओं के लिए बनेगा किसान उपभोक्ता बाजार
परिसर में केवल व्यवसायिक दुकानों का निर्माण ही नहीं किया जा रहा, बल्कि ग्रामीण फल एवं सब्जी विक्रेताओं के लिए किसान उपभोक्ता बाजार भी विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य सड़क किनारे फल-सब्जी बेचने वाले विक्रेताओं को व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराना है।
इस बाजार के शुरू होने के बाद सड़क किनारे फल एवं सब्जी की बिक्री करने वाले विक्रेताओं को निःशुल्क स्थान का लाभ मिल सकेगा। इससे एक ओर विक्रेताओं को स्थायी एवं व्यवस्थित जगह मिलेगी, वहीं सड़क किनारे होने वाले अव्यवस्थित कारोबार और यातायात संबंधी परेशानियों में भी कमी आएगी।
अतिक्रमण हटने से विकास का रास्ता साफ
पुरानी मंडी परिसर के आसपास से अतिक्रमण हटाए जाने के बाद अब प्रस्तावित निर्माण कार्यों को गति मिलने की संभावना है। करीब 5 करोड़ रुपए के निवेश से विकसित होने वाला यह परिसर कृषि व्यापार, गौ उत्पाद और फल-सब्जी विक्रेताओं के लिए अलग-अलग सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे पुरानी मंडी परिसर को व्यवस्थित और उपयोगी व्यावसायिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने का रास्ता भी साफ हुआ है।
