बकाया के नाम पर बिजली काटना बंद करे सरकार : आलोक चंद्राकर
भारी-भरकम बिल से परेशान आम उपभोक्ता, स्मार्ट मीटर के बाद 3 से 4 गुना बढ़े बिल का लगाया आरोप
महासमुंद। छत्तीसगढ़ जीव-जंतु कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संयुक्त महामंत्री आलोक चंद्राकर ने बकाया बिजली बिल के नाम पर आम उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे जाने की कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान भाजपा सरकार के कार्यकाल में बिजली विभाग आम जनता को राहत देने के बजाय परेशानी का कारण बन गया है।
चंद्राकर ने कहा कि एक ओर उपभोक्ताओं को भारी-भरकम बिजली बिल भेजे जा रहे हैं, वहीं बिल जमा करने में थोड़ी देरी होते ही बिना मानवीय दृष्टिकोण अपनाए कनेक्शन काट दिए जा रहे हैं। इससे गरीब, मध्यमवर्गीय परिवार और किसान सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने इसे प्रशासनिक तानाशाही बताते हुए तत्काल रोक लगाने की मांग की।
स्मार्ट मीटर पर भी उठाए सवाल
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार बनने के बाद स्मार्ट मीटर लगाने के नाम पर उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला गया है। स्मार्ट मीटर लगने के बाद कई उपभोक्ताओं के बिजली बिल तीन से चार गुना तक बढ़ने का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि इससे आम परिवारों का बजट बिगड़ गया है।
कांग्रेस सरकार की योजना का किया उल्लेख
चंद्राकर ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार की 400 यूनिट तक हाफ बिजली बिल योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौरान आम उपभोक्ताओं को बिजली बिल में राहत मिली थी। वर्तमान में इसके विपरीत वसूली के नाम पर गरीब परिवारों के कनेक्शन काटकर उन्हें अंधेरे में धकेला जा रहा है।
उन्होंने कहा कि महंगाई से पहले ही परेशान गरीब परिवार के लिए हजारों रुपए का बिजली बिल जमा करना मुश्किल है। ऐसे समय सरकार को राहत देने की जरूरत है, न कि कनेक्शन काटने की। बरसात के मौसम में बिजली काटना अमानवीय है।
आलोक चंद्राकर ने शासन से मांग की कि बकाया के नाम पर बिजली कनेक्शन काटने की कार्रवाई तत्काल रोकी जाए, बढ़े हुए बिजली बिलों की समीक्षा कर उपभोक्ताओं को राहत दी जाए तथा गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाए।
