तीजा पर सजा सुहाग का संसार, निर्जला व्रत में डूबीं सुहागिनें
पति की दीर्घायु और अखंड सौभाग्य की कामना, युवतियों ने भी मनचाहे वर के लिए रखा व्रत; बाजारों में दिनभर रही चहल-पहल
महासमुंद। पति की दीर्घायु, अखंड सौभाग्य और सुखी दांपत्य जीवन की कामना को लेकर सुहागिन महिलाओं ने सोमवार से 24 घंटे का हरितालिका तीज निर्जला व्रत शुरू किया। भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर मनाए जाने वाले इस पर्व को लेकर अंचल में उत्साह का माहौल है। सुहागिनों के साथ बड़ी संख्या में युवतियां भी मनचाहे और सुयोग्य वर की कामना को लेकर तीजा व्रत कर रही हैं।
तीजा पर्व की तैयारियां करीब एक सप्ताह पहले से ही शुरू हो गई थीं। रविवार को बाजारों में जमकर खरीदारी हुई, जबकि सोमवार सुबह से ही जनरल स्टोर्स, कपड़ा दुकानों और ब्यूटी पार्लरों में महिलाओं की भीड़ नजर आई। चूड़ी, श्रृंगार सामग्री, नए कपड़े और पूजा सामग्री की दुकानों पर विशेष चहल-पहल रही। पर्व के चलते शहर का बाजार दिनभर गुलजार रहा।
नदी-तालाब किनारे बनेगी शिव-पार्वती की प्रतिमा
व्रतधारी महिलाएं सोमवार रात नदी या तालाब के किनारे मिट्टी अथवा रेत से भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा तैयार करेंगी। इसके बाद फुलेरा के नीचे विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर पति की लंबी उम्र, अखंड सौभाग्य और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करेंगी। कुंवारी कन्याएं भी सुयोग्य एवं मनचाहा वर पाने की कामना से तीजा व्रत रखेंगी।
पूजा-अर्चना के बाद महिलाएं रतजगा करेंगी और भजन-कीर्तन में रात बिताएंगी। मंगलवार सुबह स्नान और पूजा-अर्चना के बाद विधि-विधान से व्रत का पारण किया जाएगा।
घर-घर तैयार हुए ठेठरी-खुर्मी और पारंपरिक पकवान
तीजा पर्व को लेकर घर-घर उत्सव का माहौल है। महिलाओं ने व्रत और पूजा की तैयारियों के साथ पारंपरिक ठेठरी, खुर्मी समेत विभिन्न प्रकार के पकवान तैयार किए हैं। मायके से तीजा का सामान पहुंचने के साथ ही पर्व की रौनक और बढ़ गई है। साज-श्रृंगार से लेकर पूजा-पाठ और पकवानों तक, घरों में तीजा की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।
अंचल में तीजा महिलाओं के प्रमुख पारंपरिक पर्वों में शामिल है। यही वजह है कि सालभर महिलाएं इस त्योहार का बेसब्री से इंतजार करती हैं। मायके से आने वाले तीजा के सामान और रिश्तेदारों के मेल-मिलाप के बीच पर्व पारिवारिक उत्सव का रूप ले लेता है।
