पुराने संपत्ति कर पर अतिरिक्त वसूली का नोटिस, पार्षदों ने जताया विरोध

बिना पीआईसी और परिषद के निर्णय के अतिरिक्त कर भार डालना जनता के साथ अन्याय बताया, नोटिस पर तत्काल रोक की मांग
महासमुंद। नगर पालिका द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में पूर्व में जमा किए जा चुके संपत्ति कर के बावजूद शहरवासियों को अतिरिक्त संपत्ति कर एवं अधिभार जमा करने संबंधी नोटिस जारी किए जाने का पार्षदों ने विरोध किया है। पार्षदों ने इसे शहरवासियों पर अनावश्यक आर्थिक भार बताते हुए नोटिस पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
नपा उपाध्यक्ष देवीचंद राठी, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष पवन पटेल, प्रतिपक्ष नेता नानू भाई सहित पार्षदों ने कहा कि नगर पालिका में वर्षों से संपत्ति कर की वसूली स्व-निर्धारण तथा नगर पालिका कर्मचारियों द्वारा किए गए आकलन के आधार पर की जाती रही है। जब संबंधित करदाताओं ने निर्धारित संपत्ति कर पहले ही जमा कर दिया है, तो पुराने वित्तीय वर्ष का दोबारा अतिरिक्त संपत्ति कर और अधिभार वसूलने के लिए नोटिस जारी करना उचित नहीं है।
पार्षदों ने आरोप लगाया कि पीआईसी (प्रेसीडेंट-इन-काउंसिल) और नगर पालिका परिषद के निर्णय के बिना पुराने वित्तीय वर्ष पर अतिरिक्त कर का भार डालना नियमसंगत नहीं है। उनका कहना है कि प्रदेश के अन्य नगरीय निकायों में भी पूर्व में जमा किए जा चुके संपत्ति कर पर इस तरह अतिरिक्त कर एवं अधिभार की वसूली नहीं की जा रही है। ऐसे में महासमुंद में इस प्रकार की वसूली को लेकर शहरवासियों में असमंजस और नाराजगी की स्थिति बन रही है।
पहले रिकॉर्ड दुरुस्त हो, फिर हो कर निर्धारण
पार्षदों ने मांग की है कि अतिरिक्त संपत्ति कर एवं अधिभार से संबंधित जारी नोटिस पर तत्काल रोक लगाई जाए। इसके साथ ही नगर पालिका के सभी स्कैनरों को पहले अपडेट किया जाए। स्कैनर में दर्ज मकानों की वास्तविक स्थिति और माप का मोहर्रिर के माध्यम से दोबारा सत्यापन कराया जाए। अथवा पुराने स्वीकृत नाप के आधार पर नगर पालिका का रिकॉर्ड अपडेट किया जाए। पार्षदों का कहना है कि रिकॉर्ड और संपत्ति के वास्तविक माप का सत्यापन किए बिना अतिरिक्त कर की वसूली करना उचित नहीं होगा।
विरोध दर्ज कराने वालों में नपा उपाध्यक्ष देवीचंद राठी, पूर्व अध्यक्ष पवन पटेल, प्रतिपक्ष नेता नानू भाई, सुनैना पप्पू ठाकुर, सीता डोंडेकर, जरीना हफीज कुरैशी, माखन पटेल, कल्पना सूर्यवंशी, माधुरी घनीराम यदु, जसप्रीत प्रीति बादल मक्कड़, निश्चय पूनम चंद्राकर, चंद्रशेखर बेलदार, भारती राजेंद्र चंद्राकर, भाऊराम साहू, पीयूष अमृत साहू, शुभ्रा मनीष शर्मा, धनेश्वरी सोनाधर सोनवानी, एल्डरमेन हनीश बग्गा, प्रभा साहू, मधु यादव, लालविजय प्रताप सिंह देव, मोहन साहू, सांसद प्रतिनिधि महेंद्र जैन एवं विधायक प्रतिनिधि हफीज कुरैशी शामिल हैं।

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