281 किलो गांजा तस्करी का मुख्य सप्लायर देवगढ़ से गिरफ्तार
मोबाइल डाटा और तकनीकी विश्लेषण से खुला बैकवर्ड लिंक, महाराष्ट्र के पांच तस्करों को गांजा उपलब्ध कराने का आरोप
महासमुंद। पुलिस ने 281.900 किलो गांजा तस्करी के मामले में कार्रवाई करते हुए इसके मुख्य सप्लायर और बैकवर्ड लिंक तक पहुंच बनाई है। सिंघोड़ा पुलिस ने तकनीकी जांच और गिरफ्तार तस्करों के मोबाइल डाटा के विश्लेषण के आधार पर ओडिशा के देवगढ़ जिले के गुलाबबंद निवासी किशोर कुमार नायक (36) को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार किशोर महाराष्ट्र के पांच आरोपियों को गांजा उपलब्ध कराने वाला मुख्य सोर्स था। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
दरअसल, 3 अप्रैल 2026 को सिंघोड़ा पुलिस को मुखबिर से गांजा तस्करी की सूचना मिली थी। पुलिस ने एनएच-53 पर ग्राम रेहटीखोल के पास नाकाबंदी कर फॉर्च्यूनर और स्कॉर्पियो को रोका। तलाशी लेने पर दोनों वाहनों से कुल 281.900 किलो गांजा बरामद हुआ, जिसकी कीमत करीब 1 करोड़ 40 लाख 95 हजार रुपए आंकी गई। गांजा वाहनों की सीटों के अंदर छिपाकर ले जाया जा रहा था।
पुलिस ने मौके से महाराष्ट्र के पांच आरोपियों प्रशांत शंकर गोले, क्षितिज वीरसेन जाधव, महेश काटकर, अभिषेक डेविड जगले और अक्षय नंदकुमार निगम को गिरफ्तार किया था। पूछताछ और जब्त मोबाइल फोन से मिले डाटा की तकनीकी जांच के दौरान पुलिस को गांजा की सप्लाई के मुख्य स्रोत के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग मिले।
ओडिशा से पुणे ले जा रहे थे गांजा
जांच में सामने आया कि आरोपी गांजा ओडिशा से लोड कर पुणे (महाराष्ट्र) ले जा रहे थे। पुलिस ने गांजा परिवहन में प्रयुक्त फॉर्च्यूनर कार क्रमांक एम एच 12 डब्ल्यू सी 0090 और स्कॉर्पियो क्रमांक एम एच 12 वाय एच 0925, चार मोबाइल फोन सहित कुल 2 करोड़ 6 लाख 45 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की थी।
इसके बाद पुलिस ने मामले में इंड-टू-इंड जांच करते हुए परिवहनकर्ताओं से मिली जानकारी और मोबाइल डाटा का तकनीकी विश्लेषण किया। इसी आधार पर पुलिस टीम मुख्य सप्लायर तक पहुंची और 10 सितंबर को देवगढ़ जिले के गुलाबबंद निवासी किशोर कुमार नायक को गिरफ्तार कर महासमुंद लाई।
