निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और सुरक्षा से समझौता नहीं, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की बड़ी कार्रवाई

कन्वेंशनल हॉल के डिजाइन में तकनीकी खामियों के बाद जी.टी. डिज़ाइन स्टूडियो, रायपुर के विरुद्ध कार्रवाई
विभिन्न योजनाओं में फर्म के अनुबंध समाप्त करने के निर्देश, भविष्य में नहीं दिया जाएगा कोई कार्य
अध्यक्ष अनुराग सिंह देव और आयुक्त अवनीश कुमार शरण ने गुणवत्ता एवं तकनीकी मानकों के पालन पर दिया स्पष्ट संदेश
रायपुर, 11 सितंबर 2026/छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल ने निर्माण कार्यों में तकनीकी गुणवत्ता, डिजाइन की शुद्धता और सुरक्षा मानकों को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए वास्तुविद फर्म जी.टी. डिज़ाइन स्टूडियो, रायपुर के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की है। जिला कोरबा में निर्मित कन्वेंशनल हॉल के निर्माण के डिटेल डिजाइन में त्रुटियां एवं तकनीकी प्रस्ताव में कमियां पाए जाने के बाद मंडल ने फर्म के वर्तमान कार्यों से संबंधित अनुबंध समाप्त करने की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
प्रकरण में मंडल द्वारा संबंधित फर्म को कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था। फर्म द्वारा प्रस्तुत पालन प्रतिवेदन एवं स्पष्टीकरण का अपर आयुक्त द्वारा परीक्षण किया गया, जिसे संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद मंडल ने संबंधित योजनाओं में फर्म के अनुबंध समाप्त करने की नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।
चार योजनाओं में अनुबंध समाप्त करने की कार्रवाई
मंडल के निर्देशानुसार जी.टी. डिज़ाइन स्टूडियो, रायपुर द्वारा वर्तमान में विभिन्न संभागों के अंतर्गत वास्तुविद संबंधी कार्य की जा रही योजनाओं में अनुबंध समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी। इनमें रिडेवलपमेंट योजना, कैलाश नगर, राजनांदगांव; रिडेवलपमेंट योजना, रामानुजगंज, जिला बलरामपुर; आवासीय योजना, कबीर नगर फेस-02 (05 एकड़ भूमि); तथा अटल विहार योजना, बंधी, जिला गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही शामिल हैं।
संबंधित योजनाओं के कार्यपालन अभियंताओं को निर्देशित किया गया है कि वे फर्म को लिखित रूप से सूचित करते हुए अनुबंध समाप्त करने की कार्रवाई नियमानुसार सुनिश्चित करें। अनुबंध समाप्ति के बाद इन योजनाओं में फर्म द्वारा किसी भी प्रकार का आगामी कार्य नहीं किया जाएगा। साथ ही, नियमानुसार किसी भी प्रकार के दावे के भुगतान की कार्रवाई भी नहीं की जाएगी।
गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर मंडल का स्पष्ट संदेश
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा गत दिनों वास्तुविदों की बैठक आयोजित कर निर्माण कार्यों में तकनीकी गुणवत्ता, डिजाइन की शुद्धता एवं सुरक्षा मानकों के पालन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए थे। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया था कि निर्माण कार्यों में डिजाइन संबंधी त्रुटि पाए जाने पर संबंधित वास्तुविद फर्म की जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने कहा—जिम्मेदारी से समझौता स्वीकार नहीं
मंडल अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने कहा कि छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की योजनाएं सीधे आम नागरिकों के हितों से जुड़ी हुई हैं। इन योजनाओं में गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और निर्धारित तकनीकी मापदंडों के अनुरूप निर्माण मंडल की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य की शुरुआत से लेकर उसके पूर्ण होने तक डिजाइन, तकनीकी मानकों और गुणवत्ता की जिम्मेदारी से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। वास्तुविद फर्मों एवं संबंधित तकनीकी एजेंसियों को पूरी गंभीरता और विशेषज्ञता के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना होगा। डिजाइन अथवा तकनीकी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर संबंधित फर्म की जवाबदेही तय करते हुए नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
आयुक्त अवनीश कुमार शरण ने कहा—तकनीकी लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
मंडल आयुक्त अवनीश कुमार शरण ने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, तकनीकी शुद्धता और सुरक्षा मानकों के पालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। वास्तुविद द्वारा तैयार किए गए डिजाइन और तकनीकी प्रस्ताव निर्माण कार्य की गुणवत्ता एवं सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं।
उन्होंने कहा कि डिजाइन में त्रुटि अथवा तकनीकी लापरवाही के कारण यदि निर्माण कार्य प्रभावित होता है, तो संबंधित फर्म की जवाबदेही तय करते हुए नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। मंडल द्वारा अपनी योजनाओं में गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित निर्माण सुनिश्चित करने के लिए निरंतर निगरानी की जा रही है।
मंडल ने स्पष्ट किया है कि शासकीय योजनाओं में गुणवत्ता, तकनीकी शुद्धता और सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। तकनीकी मानकों के उल्लंघन अथवा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित एजेंसी अथवा फर्म के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

इन्हें भी पढ़े