बिरकोनी स्कूल में कैरियर काउंसलिंग, 85 विद्यार्थियों को मिला विशेषज्ञों का मार्गदर्शन

साइकोमेट्रिक टेस्ट से समझी व्यक्तित्व क्षमता, स्मार्ट स्टडी और स्वस्थ जीवनशैली के दिए टिप्स
महासमुंद। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिरकोनी में गुरुवार को कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों के लिए कैरियर काउंसलिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को उनकी रुचि, क्षमता और व्यक्तित्व के अनुरूप बेहतर कैरियर विकल्प चुनने के लिए मार्गदर्शन देना रहा। काउंसलिंग सत्र में करीब 85 विद्यार्थियों ने भाग लिया और विशेषज्ञों से कैरियर संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम में बढ़व संगवारी संस्था से शिवकुमार वर्मा, विष्णु बघेल और डॉ. राधेश्याम बघेल अतिथि एवं विशेषज्ञ के रूप में शामिल हुए। इस दौरान विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, विभिन्न कैरियर विकल्पों तथा भविष्य की तैयारी को लेकर उपयोगी जानकारी दी गई।
साइकोमेट्रिक टेस्ट से पहचानी क्षमता
विष्णु बघेल ने विद्यार्थियों का साइकोमेट्रिक टेस्ट कराया। इसके माध्यम से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, रुचि और क्षमता का आकलन किया गया। उन्होंने कहा कि कैरियर का चुनाव केवल दूसरों की देखा-देखी नहीं, बल्कि अपनी रुचि, योग्यता और क्षमता को ध्यान में रखकर करना चाहिए। सही समय पर सही कैरियर विकल्प का चयन विद्यार्थियों के भविष्य को बेहतर दिशा दे सकता है।
स्मार्ट स्टडी से तनावमुक्त पढ़ाई पर जोर
डॉ. राधेश्याम बघेल ने विद्यार्थियों को ‘स्मार्ट स्टडी’ के आधुनिक तरीकों की जानकारी दी। उन्होंने समय प्रबंधन, एकाग्रता और तनावमुक्त होकर अध्ययन करने के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही परीक्षा की तैयारी के दौरान सकारात्मक सोच रखने और व्यक्तित्व विकास पर ध्यान देने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया।
पोषण और स्वस्थ जीवनशैली की दी जानकारी
स्वास्थ्य शिक्षा सत्र में शिवकुमार वर्मा ने संतुलित एवं पोषणयुक्त आहार के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को शारीरिक विकास के लिए पौष्टिक भोजन लेने, नियमित दिनचर्या अपनाने और स्वस्थ जीवनशैली बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने विभिन्न कैरियर विकल्पों की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर प्रयास करने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों से कैरियर, पढ़ाई और भविष्य से जुड़े सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने समाधान एवं मार्गदर्शन दिया। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।