एग्रीस्टैक पंजीयन के नए नियमों से किसान परेशान, प्रक्रिया सरल बनाने की मांग
जिला किसान कांग्रेस ने कलेक्टर को सौंपा कृषि मंत्री के नाम ज्ञापन, संयुक्त खातेदारी और बायोमेट्रिक सत्यापन की बाधाओं पर जताई चिंता
महासमुंद। एग्रीस्टैक पोर्टल में किसान पंजीयन के लिए लागू किए गए नए नियमों से किसानों को हो रही परेशानियों को लेकर जिला किसान कांग्रेस ने आवाज बुलंद की है। जिला किसान कांग्रेस अध्यक्ष मानिक साहू के नेतृत्व में कलेक्टर महासमुंद को कृषि मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन के नाम ज्ञापन सौंपकर पंजीयन प्रक्रिया को सरल, व्यावहारिक और किसान हितैषी बनाने की मांग की गई।
ज्ञापन में बताया गया कि एग्रीस्टैक पोर्टल की नई व्यवस्था के कारण महासमुंद सहित प्रदेशभर के किसानों को पंजीयन कराने में गंभीर व्यावहारिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से संयुक्त खातेदारी वाली कृषि भूमि के मामलों में प्रत्येक खातेदार के लिए अलग-अलग फार्मर आईडी बनाना अनिवार्य किए जाने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। इसके चलते उन्हें बार-बार दस्तावेज तैयार कराने और ऑनलाइन पंजीयन के लिए विभिन्न केंद्रों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
किसान कांग्रेस ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ऐसे बुजुर्ग किसान हैं जिनके अंगूठों के निशान घिस जाने अथवा बायोमेट्रिक सत्यापन नहीं हो पाने के कारण उनका पंजीयन अधूरा रह जाता है। इससे किसानों को भविष्य में धान बिक्री सहित शासन की विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ मिलने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
जिला किसान कांग्रेस अध्यक्ष मानिक साहू ने मांग की कि किसान हितों को ध्यान में रखते हुए एग्रीस्टैक पोर्टल की पंजीयन प्रक्रिया को तत्काल सरल बनाया जाए। संयुक्त खातेदारी वाली भूमि के लिए अलग-अलग फार्मर आईडी बनाने की अनिवार्यता पर पुनर्विचार करते हुए व्यवहारिक व्यवस्था लागू की जाए। साथ ही, बुजुर्ग किसानों के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन में समस्या आने पर वैकल्पिक सत्यापन की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि तकनीकी कारणों से किसी भी पात्र किसान को धान बेचने से वंचित न किया जाए। गांव स्तर पर पर्याप्त तकनीकी सहायता केंद्र स्थापित किए जाएं तथा किसान पंजीयन की प्रक्रिया को पारदर्शी, सुगम और न्यूनतम दस्तावेजों पर आधारित बनाया जाए।
किसान कांग्रेस ने कलेक्टर से आग्रह किया कि किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए ज्ञापन को आवश्यक कार्रवाई के लिए कृषि मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन के पास शीघ्र प्रेषित किया जाए, ताकि एग्रीस्टैक पंजीयन से जुड़ी समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित हो सके।
