भाजपा छात्रों की आवाज दबाने में लगी, कांग्रेस उनके अधिकारों की लड़ाई में साथ : गुरमीत

भाजपा प्रवक्ता के बयान पर कांग्रेस का पलटवार, युवाओं के मुद्दों पर संवाद की बजाय दुष्प्रचार का लगाया आरोप
महासमुंद। भारतीय जनता पार्टी के जिला प्रवक्ता द्वारा कांग्रेस के छात्र आंदोलन पर दिए गए बयान पर शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गुरमीत चावला ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने भाजपा के आरोपों को निराधार, हास्यास्पद और राजनीतिक बौखलाहट का परिचायक बताते हुए कहा कि युवाओं और छात्रों की जायज मांगों को दबाने के लिए भाजपा अनर्गल बयानबाजी का सहारा ले रही है।
गुरमीत चावला ने कहा कि देश और प्रदेश का युवा बेरोजगारी, पेपर लीक की घटनाओं तथा शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता के अभाव जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। ऐसे में छात्र जब अपने भविष्य और अधिकारों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाते हैं, तो भाजपा सरकार उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय आंदोलनों को राजनीतिक रंग देकर वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास करती है।
आरएसएस प्रमुख के बयान का किया उल्लेख
कांग्रेस ने अपने बयान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के हालिया वक्तव्य का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने भी छात्र आंदोलनों और युवाओं के आक्रोश को गंभीरता से लेने तथा संवाद के माध्यम से समाधान निकालने की बात कही है। कांग्रेस का दावा है कि जब भाजपा के वैचारिक मार्गदर्शक भी सरकार को मनमानी से बचने और युवाओं से संवाद करने की सलाह दे रहे हैं, तब भाजपा नेताओं द्वारा छात्र आंदोलनों को बदनाम करना राजनीतिक अहंकार को दर्शाता है।
छात्रों के साथ खड़ी है कांग्रेस
शहर कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि जंतर-मंतर सहित देशभर में हुए छात्र प्रदर्शन युवाओं के स्वतःस्फूर्त आक्रोश का परिणाम हैं। कांग्रेस पार्टी छात्रों और युवाओं के अधिकारों की लड़ाई में हमेशा उनके साथ खड़ी रही है और आगे भी उनका समर्थन करती रहेगी।
भाजपा से उठाए सवाल
गुरमीत चावला ने कहा कि भाजपा प्रवक्ताओं को विपक्ष पर आरोप लगाने के बजाय अपनी सरकार से यह सवाल पूछना चाहिए कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कब बंद होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार धांधली और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर जवाब देने के बजाय विपक्ष पर दोषारोपण कर रही है।
संवाद से समाधान की मांग
कांग्रेस ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन और असहमति व्यक्त करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। पार्टी ने भाजपा सरकार से युवाओं की मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए दमन और दुष्प्रचार की राजनीति छोड़कर संवाद का रास्ता अपनाने की अपील की।

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