अंतरजातीय विवाह पर सामाजिक बहिष्कार, 1.11 लाख वसूलने का आरोप
समाज प्रमुखों पर एफआईआर, ऑडियो-वीडियो और फोन-पे ट्रांजेक्शन बने अहम साक्ष्य
महासमुंद। अंतरजातीय विवाह करने वाली युवती और उसके परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर 1 लाख 11 हजार रुपये का आर्थिक दंड वसूलने के आरोप में बसना पुलिस ने समाज के पदाधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार ग्राम तोषगांव निवासी अंकिता प्रधान (25) ने अपनी इच्छा से अंतरजातीय विवाह किया था। इसके बाद कोलता समाज (शाखा बसना) के पदाधिकारियों और सदस्यों ने उसके परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर दिया।
17 मई 2026 को बरबसपुर में आयोजित समाज की बैठक में समाज प्रमुख भोजराज प्रधान, प्रवीण भोई, धरणीधर साहू, संजय भोई सहित अन्य लोगों ने अंकिता के पिता रामदास प्रधान, माता रजनी प्रधान, भाई कुंदन प्रधान और अन्य परिजनों को बुलाया। आरोप है कि परिवार को समाज से बाहर करने की धमकी देकर समाज में रहने देने के एवज में 1,11,000 का दंड लगाया गया।
अगले दिन 18 मई को रामदास प्रधान और रजनी प्रधान ने फोन-पे के माध्यम से राधेश्याम साहू के बैंक खाते में उक्त राशि जमा कर दी।
जांच के दौरान पुलिस ने पीड़ित परिवार के बयान दर्ज किए। कुंदन प्रधान द्वारा बैठक की मोबाइल से बनाई गई ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग तथा फोन-पे ट्रांजेक्शन की जानकारी भी इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत की गई।
पूछताछ में आरोपियों ने दावा किया कि यह राशि मंदिर समिति को स्वेच्छा से दान दी गई थी। पुलिस ने इस दावे के समर्थन में मंदिर समिति की बैंक पासबुक, दान रसीद, बैठक का प्रस्ताव रजिस्टर और समाज की नियमावली प्रस्तुत करने के लिए नोटिस जारी किया, लेकिन आरोपी कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।
इसके बाद बसना पुलिस ने भोजराज प्रधान, प्रवीण भोई, धरणीधर साहू, संजय भोई एवं अन्य के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(2), 351(2) एवं 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
