पुलिस का गांजा तस्करी नेटवर्क पर तिहरा प्रहार
ओडिशा से महाराष्ट्र और रायपुर तक फैले गांजा नेटवर्क का भंडाफोड़
24 घंटे में 6.43 क्विंटल गांजा जब्त, 7 तस्कर गिरफ्तार, 3.42 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति बरामद
महासमुंद। पुलिस और एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने 24 घंटे के भीतर तीन बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क पर करारा प्रहार किया है। पुलिस ने अलग-अलग मामलों में कुल 643.190 किलोग्राम (6.43 क्विंटल) गांजा जब्त कर 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान गांजा, वाहन, मोबाइल फोन और नकदी सहित करीब 3 करोड़ 42 लाख 11 हजार 500 रुपये की संपत्ति बरामद की गई है। पुलिस ने न केवल गांजा परिवहन करने वाले आरोपियों को पकड़ा, बल्कि उत्पादनकर्ता, सप्लायर और खरीदार तक पहुंचकर पूरे नेटवर्क की कड़ियों को भी उजागर किया है।
मशीनरी के सामान की आड़ में 6 क्विंटल गांजा जब्त, महाराष्ट्र का तस्कर गिरफ्तार
महासमुंद पुलिस की सबसे बड़ी कार्रवाई थाना सिंघोड़ा क्षेत्र के मुरमुरी चौक में हुई। पुलिस को सूचना मिली थी कि महाराष्ट्र की ओर जा रहे एक लाल रंग के टाटा माजदा वाहन में कंपनी के मशीनरी सामान के बीच गांजा छिपाकर ले जाया जा रहा है।
घेराबंदी कर वाहन क्रमांक एम एच-46 सीयू -6060 को रोका गया। चालक ने अपना नाम महबूब बादशाह शेख (65 वर्ष), निवासी अंबरनाथ, जिला ठाणे (महाराष्ट्र) बताया।
वाहन की तलाशी लेने पर कंपनी की मशीनरी से जुड़े बड़े-बड़े कार्टूनों और सामान के नीचे तथा पीछे रखी गई 24 प्लास्टिक बोरियों में 600 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। प्रत्येक बोरी में 25-25 किलोग्राम गांजा भरा हुआ था।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि गांजा ओडिशा के बौद्ध जिले से लाकर महाराष्ट्र के ठाणे क्षेत्र में खपाने के लिए ले जाया जा रहा था। पुलिस से बचने के लिए पूरे माल को मशीनरी सामान के बीच छिपाकर काले त्रिपाल से ढंक दिया गया था।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 3 करोड़ रुपये मूल्य का गांजा, 12 लाख रुपये का टाटा माजदा वाहन, एक मोबाइल फोन और 10 हजार रुपये नकद जब्त किया। कुल जब्त संपत्ति का मूल्य 3 करोड़ 12 लाख 15 हजार रुपये आंका गया है।
बसना पुलिस ने उत्पादनकर्ता से खरीदार तक पहुंचकर पूरा नेटवर्क तोड़ा
दूसरी बड़ी कार्रवाई बसना पुलिस ने पलसापाली बॉर्डर बैरियर पर की। जांच के दौरान पुलिस को देखकर एक बोलेरो वाहन में सवार दो युवक भागने लगे, लेकिन घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया गया।
तलाशी में वाहन से 33.050 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी धीरज कहार स्वयं गांजा की खेती करता था और उसे ओडिशा के गोपीनाथ यादव को सप्लाई करता था। इसके बाद पुलिस ने ओडिशा और जांजगीर में एक साथ दबिश देकर मुख्य सप्लायर और खरीदार को भी गिरफ्तार कर लिया।
इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों में
डमरूधर डडसेना (बरगढ़, ओडिशा), धीरज कहार (बौद्ध, ओडिशा), गोपीनाथ यादव (बरगढ़, ओडिशा) और मनीष डहरे (जांजगीर-चांपा) शामिल हैं।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 33.050 किलोग्राम गांजा, एक बोलेरो वाहन और तीन मोबाइल फोन जब्त किए हैं। कुल जब्त संपत्ति का मूल्य 23 लाख 67 हजार 500 रुपये है। पुलिस का दावा है कि इस कार्रवाई में तस्करी के बैकवर्ड और फॉरवर्ड दोनों लिंकेज को जोड़ते हुए उत्पादनकर्ता से लेकर अंतिम खरीदार तक पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया गया है।
रायपुर में खपाने जा रहे दो तस्कर टेमरी नाके पर दबोचे गए
तीसरी कार्रवाई कोमाखान पुलिस ने की। मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो युवक ओडिशा से मोटरसाइकिल पर गांजा लेकर रायपुर जा रहे हैं। पुलिस ने ग्राम टेमरी जांच नाका के पास घेराबंदी कर बजाज पल्सर क्रमांक सीजी-04 पीएस-2132 को रोका। वाहन सवारों ने अपनी पहचान सत्यम तिवारी (25 वर्ष), निवासी कुशालपुर रायपुर तथा आयुष उपाध्याय उर्फ शिवल (26 वर्ष), निवासी महादेव घाट रायपुर के रूप में बताई।
तलाशी में उनके कब्जे से 10.140 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे गांजा ओडिशा के नुआपाड़ा से खरीदकर रायपुर ले जा रहे थे, जहां इसे छोटी-छोटी पुड़ियों में बेचने की योजना थी।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से गांजा, मोटरसाइकिल और तीन मोबाइल फोन सहित 6 लाख 29 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है। पुलिस ने तीनों मामलों में तस्करों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है।
तस्करों के बदलते हथकंडों पर पुलिस की पैनी नजर
पुलिस के अनुसार गांजा तस्कर लगातार नए-नए तरीके अपनाकर मादक पदार्थों की तस्करी का प्रयास कर रहे हैं। कभी एंबुलेंस, कभी मूवर्स एंड पैकर्स के वाहन, भारी मालवाहक ट्रक, ट्रेवल्स बसें, कपड़ा फेरी वाहन और छोटे वाहनों में गुप्त चैंबर बनाकर गांजा परिवहन करने की कोशिश की जाती है।
