महासमुंद की दिव्या रंगारी बनीं राष्ट्रीय चैंपियनशिप की मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर

76वीं जूनियर नेशनल बास्केटबॉल चैंपियनशिप में छत्तीसगढ़ को दिलाया स्वर्ण पदक, फाइनल में जड़े 22 अंक
महासमुंद। जिले की होनहार अंतरराष्ट्रीय बास्केटबॉल खिलाड़ी दिव्या रंगारी ने राष्ट्रीय स्तर पर एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है। पांडिचेरी में आयोजित 76वीं जूनियर नेशनल बास्केटबॉल चैंपियनशिप (बालक एवं बालिका वर्ग) में शानदार प्रदर्शन करते हुए दिव्या ने छत्तीसगढ़ बालिका टीम को स्वर्ण पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उनके उत्कृष्ट खेल के लिए उन्हें प्रतियोगिता का मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर (एमव्हीपी) चुना गया और 50 हजार रुपये का पुरस्कार प्रदान किया गया।
बास्केटबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया एवं पांडिचेरी बास्केटबॉल एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में 22 से 29 मई 2026 तक राजीव गांधी इंडोर स्टेडियम, पांडिचेरी में आयोजित इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में महासमुंद के इमलीभाठा निवासी दिव्या रंगारी (पिता-विनोद रंगारी) ने छत्तीसगढ़ टीम का प्रतिनिधित्व किया।
सेमीफाइनल में 27 अंकों से चमकीं दिव्या
प्रतियोगिता के क्वार्टर फाइनल में छत्तीसगढ़ ने महाराष्ट्र को हराकर अंतिम चार में जगह बनाई। सेमीफाइनल मुकाबला छत्तीसगढ़ और कर्नाटक के बीच खेला गया, जिसमें छत्तीसगढ़ ने 67-62 अंकों से जीत दर्ज कर फाइनल में प्रवेश किया। इस मैच में दिव्या ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए 27 अंक अर्जित किए और टीम की जीत की प्रमुख सूत्रधार रहीं।
फाइनल में केरला को हराकर बना चैंपियन
फाइनल मुकाबले में छत्तीसगढ़ बालिका टीम ने केरला को 55-51 अंकों से पराजित कर राष्ट्रीय खिताब अपने नाम किया। निर्णायक मुकाबले में भी दिव्या रंगारी ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए सर्वाधिक 22 अंक बनाए और टीम को स्वर्ण पदक दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
पूरे टूर्नामेंट में रही सबसे प्रभावशाली खिलाड़ी
पूरी प्रतियोगिता के दौरान लगातार शानदार प्रदर्शन के कारण दिव्या रंगारी को मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर (एमव्हीपी) चुना गया। समापन समारोह में अतिथियों ने उन्हें 50 हजार रुपये का चेक प्रदान कर सम्मानित किया।
पहले भी कर चुकी हैं देश का नाम रोशन
दिव्या रंगारी इससे पहले भी कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी हैं। जनवरी 2026 में राजनांदगांव में आयोजित स्कूल नेशनल बास्केटबॉल चैंपियनशिप (अंडर-17 बालिका वर्ग) में उन्होंने कांस्य पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा रहते हुए उल्लेखनीय प्रदर्शन किया था। वहीं एशिया कप-2025 (मलेशिया) में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए स्वर्ण पदक जीतने में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
बधाइयों का लगा तांता
दिव्या रंगारी और छत्तीसगढ़ बालिका टीम की इस ऐतिहासिक सफलता पर कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, जिला बास्केटबॉल संघ के अध्यक्ष नुरेन चंद्राकर, चेयरमैन गौरव चंद्राकर, सचिव शुभम तिवारी, खेल अधिकारी मनोज धृतलहरे सहित खेल जगत और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अनेक लोगों ने शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
छत्तीसगढ़ की विजेता टीम
छत्तीसगढ़ बालिका टीम में अंजली कोडापे (कप्तान), अदिति कोडापे, अंजनी, रूमी कोनवर, सोफी सिका, नंदनी माधो प्रधान, नताशा प्रजापति, दिव्या रंगारी, पारूल वर्मा, नित्या पांडे, कलश झा और सारा सिंह शामिल थीं। टीम के मुख्य कोच कालवा राजेश्वर राव, सहायक कोच लुमेंद्र साहू तथा मैनेजर अनिता तिर्की रहीं। दिव्या की इस उपलब्धि ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि महासमुंद की प्रतिभाएं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगातार अपनी पहचान बना रही हैं।

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