नीट पेपर लीक मामला: 23 लाख छात्रों के भविष्य से खिलवाड़: भूपेन्द्र चंद्राकर
आम आदमी पार्टी ने केंद्रीय शिक्षामंत्री से मांगा इस्तीफा, जेपीसी गठन और छात्रों को मुआवजा देने की उठाई मांग
महासमुन्द। नीट पेपर लीक मामले को लेकर आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष भूपेन्द्र चंद्राकर ने इसे देश के करीब 23 लाख छात्रों के भविष्य के साथ खुला खिलवाड़ बताते हुए कहा कि यह मामला केवल परीक्षा में गड़बड़ी नहीं, बल्कि संगठित भ्रष्टाचार और राजनीतिक संरक्षण का परिणाम है।
चंद्राकर ने कहा कि जिस परीक्षा के लिए लाखों छात्र पूरे वर्ष दिन-रात मेहनत करते हैं, उसका प्रश्नपत्र परीक्षा से करीब 42 घंटे पहले व्हाट्सएप पर बिकना बेहद गंभीर और शर्मनाक है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर इतनी बड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद तंत्र को इसकी भनक तक क्यों नहीं लगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के प्रश्नपत्र सामान्य तरीके से लीक नहीं होते, बल्कि इसके पीछे बड़े स्तर पर मिलीभगत और राजनीतिक संरक्षण साफ दिखाई देता है। उन्होंने वर्ष 2017, 2021, 2024 और अब 2026 में सामने आए नीट पेपर लीक मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह कोई संयोग नहीं, बल्कि व्यवस्था की लगातार विफलता है।
आप नेता ने दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में देशभर में 89 बार विभिन्न परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए, जिनमें 48 परीक्षाएं दोबारा आयोजित करनी पड़ीं। हर बार जांच और सख्त कार्रवाई के दावे किए जाते हैं, लेकिन परिणाम शून्य रहता है।
चंद्राकर ने कहा कि 22 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने अपने सपनों को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत की, लेकिन एक ही रात में उनका भविष्य खुलेआम बाजार में नीलाम कर दिया गया। उन्होंने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने जांच सीबीआई को सौंप दी है, लेकिन केवल जांच पर्याप्त नहीं है। दोषियों को कठोर सजा मिलनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
आम आदमी पार्टी ने इस पूरे मामले में केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफे की मांग की है। साथ ही छात्रों को मुआवजा देने और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) गठित करने की मांग भी उठाई गई है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो आम आदमी पार्टी सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगी।
