नगरीय क्षेत्रों में आवासहीनों को मिलेगा निःशुल्क पट्टा, जल्द शुरू होगा सर्वे
20 अगस्त 2017 से शासकीय भूमि पर निवासरत पात्र परिवारों को 30 वर्षों के लिए मिलेगा पट्टा
महासमुंद। राज्य सरकार द्वारा नगरीय निकाय क्षेत्रों में निवासरत आवासहीन पात्र व्यक्तियों को शासकीय भूमि का पट्टा प्रदान करने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। इसके लिए नगर क्षेत्रों में व्यापक सर्वे कार्य कराया जाएगा। विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने जारी विज्ञप्ति में बताया कि छत्तीसगढ़ नगरीय क्षेत्रों में आवासहीन व्यक्ति को पट्टा अधिकार अधिनियम-2023 एवं इसके अंतर्गत बनाए गए नियम-2023 के तहत स्थायी एवं अस्थायी पट्टा विलेख के प्रारूप निर्धारित किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि अधिनियम के तहत नगर पालिक निगम क्षेत्रों में अधिकतम 600 वर्गफीट तथा अन्य नगरीय निकाय क्षेत्रों में 800 वर्गफीट तक शासकीय भूमि पर 20 अगस्त 2017 के पूर्व से निवासरत व्यक्तियों को पट्टे का लाभ दिया जाएगा। राज्य शासन द्वारा ऐसे आवासहीन परिवारों को शासकीय भूमि का निःशुल्क पट्टा 30 वर्षों के लिए प्रदान किया जाएगा।
निर्धारित समय-सीमा में होगा सर्वे
विधायक सिन्हा ने बताया कि शासन द्वारा नगरीय क्षेत्रों में पात्र हितग्राहियों की पहचान के लिए निर्धारित समय-सीमा में सर्वेक्षण कराने के निर्देश दिए गए हैं। सर्वे के माध्यम से पात्र परिवारों की सूची तैयार कर शासन को प्रतिवेदन भेजा जाएगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की मंशा शहरी क्षेत्रों में निवासरत गरीब एवं आवासहीन परिवारों को स्वयं के पक्के आवास का अधिकार दिलाना है, ताकि उन्हें स्थायी सुरक्षा मिल सके।
इन दस्तावेजों के आधार पर होगा सत्यापन
भूमि पर निवास एवं कब्जे के सत्यापन के लिए विभिन्न दस्तावेजों को मान्य किया गया है। इनमें निर्वाचन आयोग की मतदाता सूची, विद्युत बिल, टेलीफोन बिल, स्थानीय निकाय का संपत्तिकर अथवा समेकित कर पंजी, जलकर भुगतान दस्तावेज, भवन या दुकान अनुज्ञा, अधिनियम के अंतर्गत पूर्व में प्रदत्त पट्टे, आधार कार्ड एवं ड्राइविंग लाइसेंस शामिल हैं।
कोई पात्र हितग्राही वंचित न रहे : विधायक
विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने सर्वे कार्य में लगे अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि शासन की योजना का लाभ अधिक से अधिक गरीब एवं पात्र लोगों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने को कहा कि कोई भी पात्र हितग्राही योजना से वंचित न रहे।
उन्होंने नगर के सभी 30 वार्डों में गहन सर्वे कर पात्र हितग्राहियों की सूची तैयार करने तथा निर्धारित समय-सीमा में प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
