अनियमित यूरिया वितरण पर प्रशासन सख्त
चार उर्वरक विक्रेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश, कारोबारियों में मचा हड़कंप
महासमुंद। जिले में किसानों को अनियमित तरीके से यूरिया उर्वरक वितरण करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ कृषि विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। उप संचालक कृषि एफ.आर. कश्यप ने जिले के चार उर्वरक विक्रेताओं के विरुद्ध प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कराने के निर्देश जारी किए हैं। इस कार्रवाई के बाद जिले के उर्वरक कारोबारियों में हड़कंप की स्थिति बन गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मेसर्स राजेश अग्रवाल सरायपाली, मेसर्स ओम फर्टिलाइजर सरायपाली, आर.एस. ट्रेडर्स बागबाहरा तथा जय मां भीमेश्वरी ट्रेडर्स सुनसुनिया द्वारा 16 मार्च से 29 मार्च 2026 के बीच यूरिया उर्वरक का अनियमित तरीके से वितरण किया गया था। मामले की जांच के बाद इसे गंभीर मानते हुए उप संचालक कृषि ने उर्वरक निरीक्षक बागबाहरा एवं सरायपाली को संबंधित फर्म संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
कृषि विभाग द्वारा की गई इस कार्रवाई को किसानों के हित में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विभाग का कहना है कि किसानों को निर्धारित नियमों एवं पारदर्शी व्यवस्था के तहत ही उर्वरक उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है। अनियमित वितरण एवं कालाबाजारी जैसी गतिविधियों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उप संचालक कृषि एफ.आर. कश्यप ने किसानों से अपील करते हुए कहा है कि वे अपने रकबे के अनुसार ही उर्वरकों की खरीदी करें। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि उर्वरक खरीदते समय पॉस मशीन में एंट्री अवश्य कराएं तथा दुकानदार से पक्का बिल लेना सुनिश्चित करें।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई निजी विक्रेता यूरिया, डीएपी या अन्य उर्वरकों की निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूलता है, तो इसकी शिकायत तत्काल संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), तहसीलदार अथवा वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी से करें, ताकि दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जा सके।
