सूकर पालन को लेकर मर्दापाल में जागरूकता कार्यक्रम संपन्न
वैज्ञानिक पद्धति से सूकर पालन कर आत्मनिर्भर बनेंगे किसान
कोंडागांव, 18 मार्च 2026/ जिले के सुदूर आदिवासी अंचल के मर्दापाल गांव में दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय, अंजोरा, दुर्ग द्वारा आदिवासी उप योजना-2025-26 के अंतर्गत “वैज्ञानिक सूकर पालन” विषय पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य आदिवासी समुदाय की आजीविका सुरक्षा को सुदृढ़ करना एवं उन्नत सूकर पालन के माध्यम से उनकी आय में वृद्धि करना रहा। कोंडागांव जिले में आदिवासियों द्वारा परंपरागत विधि से बड़े पैमाने पर सूकर पालन किया जाता है, जिसे वैज्ञानिक पद्धति से और अधिक लाभकारी बनाने हेतु यह पहल की गई।
यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के निदेशालय विस्तार शिक्षा द्वारा आयोजित किया गया। कार्यक्रम का संचालन कुलपति डॉ. आर. आर. बी. सिंह के मार्गदर्शन एवं डॉ. एम. के. गेंडेले, निदेशक विस्तार शिक्षा के निर्देशन में किया गया। कार्यक्रम में डॉ. अमित कुमार गुप्ता, डॉ. एस. के. वर्मा, डॉ. के. आर. बघेल, डॉ. एन. कुम्भकार एवं डॉ. हितेश मिश्रा का विशेष योगदान रहा।
इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों में जयंती कश्यप (सरपंच), संगीता कोराम (पंच), भेलकु राम बघेल (उपसरपंच), लक्ष्मीनारायण बेलसरिया (पूर्व सरपंच), बाली कोराम (पंच) एवं लोकेश पात्र (पंच) की सक्रिय सहभागिता रही।
कार्यक्रम के दौरान किसानों को वैज्ञानिक सूकर पालन, उन्नत नस्ल, आहार प्रबंधन, रोग नियंत्रण एवं विपणन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। इस प्रकार के कार्यक्रम किसानों की आय वृद्धि एवं आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध हो रहे हैं।
