कुक्कुट पालन से बदली पुष्पा की जिंदगी, डीएमएफ मद से मिली 5.50 लाख की सहायता
कभी केवल गृहिणी के रूप में संभालती थी घर की जिम्मेदारियां, अब बनी सफल उद्यमी
मोहला 16 मार्च 2026। कभी केवल गृहिणी के रूप में घर की जिम्मेदारियां संभालने वाली ग्राम कुंजामटोला की श्रीमती पुष्पा बाई आज कुक्कुट पालन के माध्यम से आत्मनिर्भरता के साथ एक सफल उद्यमी के रूप में नई पहचान बना रही हैं। गणपति स्व-सहायता समूह से जुड़ी पुष्पा बाई को जिला प्रशासन द्वारा डीएमएफ मद से आजीविका संवर्धन के लिए 5 लाख 50 हजार रुपये की सहायता प्रदान की गई, जिससे कुक्कुट पालन के लिए शेड का निर्माण हुआ और उन्होंने पोल्ट्री व्यवसाय शुरू कर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाया है।
ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लगातार प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इसी क्रम में श्रीमती पुष्पा बाई को यह सहायता प्रदान की गई, ताकि वे कुक्कुट पालन के जरिए अपनी आय बढ़ा सकें और परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बना सकें। शेड निर्माण के बाद कुक्कुट पालन का कार्य शुरू होने से उन्हें नियमित आय का एक स्थायी स्रोत मिलने लगा है। स्व-सहायता समूह से जुड़कर श्रीमती पुष्पा बाई पहले से ही समूह की गतिविधियों में सक्रिय रही हैं, और अब इस सहायता से वे अपने स्वयं के व्यवसाय को आगे बढ़ाते हुए एक सफल महिला उद्यमी के रूप में उभर रही हैं।
श्रीमती पुष्पा बाई बताती हैं कि पहले वे एक गृहिणी के रूप में केवल घर के कार्यों तक ही सीमित थीं। उनके पति किसान हैं, जो वर्ष में केवल एक फसल लेते हैं और बाकी समय मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। लेकिन जब से शासन द्वारा कुक्कुट पालन के लिए शेड निर्माण की सुविधा मिली है, तब से उनके परिवार को एक नया आर्थिक संबल प्राप्त हुआ है। अब उनके पति भी कुक्कुट पालन के कार्यों में उनका सहयोग कर रहे हैं, जिससे परिवार की आय में वृद्धि हो रही है। वे बताती हैं कि इस पहल से उनके परिवार में खुशहाली आई है और अब उन्हें पहले की तरह आर्थिक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता। कुक्कुट पालन से न केवल उनकी आय बढ़ी है, बल्कि उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है और वे अपने परिवार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
श्रीमती पुष्पा बाई ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सहायता से उन्हें अपना कुक्कुट पालन व्यवसाय शुरू करने का अवसर मिला है, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है और वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
