बैराज का स्वागत पर किसानों के साथ अन्याय हुआ तो करेंगे आंदोलन : अमर

महासमुंद। जिला पंचायत के पूर्व सभापति अमर अरूण चंद्राकर ने बजट में सिरपुर-मोहमेला बैराज निर्माण हेतु 690 करोड़ रुपये के प्रावधान का स्वागत किया है। हालांकि, उन्होंने इसके संचालन और उद्देश्य को लेकर गंभीर सवाल भी उठाया है।
उन्होंने कहा कि यदि बराज का निर्माण किसानों, गरीबों और मजदूर वर्ग के हित में किया जा रहा है, तो इसका संपूर्ण संचालन जिला कलेक्टर महासमुंद एवं जल संसाधन विभाग के अधीन होना चाहिए। उन्होंने पूर्व की भाजपा सरकार के दौरान बने हरदी एनीकट का उल्लेख करते हुए कहा कि 8 करोड़ की लागत से बने इस प्रोजेक्ट से 240 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई देने का दावा किया गया था, लेकिन किसानों को लाभ नहीं मिल सका और एनीकट आज अनुपयोगी स्थिति में है। उस समय जल संसाधन मंत्री बृजमोहन अग्रवाल सहित कई जनप्रतिनिधि उद्घाटन में उपस्थित थे। चंद्राकर ने आरोप लगाया कि बराज निर्माण का एक प्रमुख उद्देश्य औद्योगिक उपयोग, विशेषकर अडानी पावर को जल आपूर्ति करना है। सरकार के अनुसार इससे 27 करोड़ रुपये वार्षिक राजस्व प्राप्त होगा। उन्होंने पूर्व में बने समोदा-अछोला बराज का जिक्र करते हुए कहा कि डूबान क्षेत्र के किसानों को मुआवजा तक नहीं मिला। हालांकि, बाद में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल में मुआवजा वितरित किया गया। अमर ने चेतावनी दी कि यदि किसानों के साथ अन्याय हुआ, तो वे किसानों के साथ मिलकर आंदोलन करने को बाध्य होंगे।