बेखौफ खुलेआम जगह-जगह हो रही शराबखोरी
शराबी कानून व्यवस्था का उड़ा रहे हैं धज्जियां
महासमुंद। जिले में इन दिनों बेखौफ सार्वजनिक स्थल शराबियों के लिए सुरक्षित ठिकाने बनते जा रहे हैं। शहर के चौक-चौराहों से लेकर ग्रामीण अंचलों की सड़कों तक खुलेआम शराब पीना – पिलाना आम बात हो गई है। कानून की अनदेखी करते हुए शराब पीने वाले असामाजिक तत्वों के कारण आम नागरिकों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है।
जिला मुख्यालय के साथ-साथ बागबाहरा, सरायपाली, बसना और पिथौरा जैसे नगरीय क्षेत्रों में शाम ढ़लते ही हालात बदलने लगते हैं। सार्वजनिक मैदान, निर्माणाधीन सरकारी भवन और सुनसान सड़कों के किनारे शराबियों का जमावड़ा आम नजारा बन गया है। मुख्य मार्गों के आसपास दुकानों के पास और अंधेरे कोनों में खुलेआम शराबखोरी होती दिखाई देती है। सड़कों के किनारे टूटी कांच की बोतलें और डिस्पोजल गिलास इस समस्या की गंभीरता को स्पष्ट करता है।
आबकारी अधिनियम के अनुसार सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीना दंडनीय अपराध है, बावजूद इसके जिले के कई इलाकों में शराबी कानून का मूंह चिढ़ाते दिखाई देते हैं। आम लोगों का आरोप है कि पुलिस गश्त मुख्य सड़कों तक सीमित रहती है, जबकि गली-मोहल्लों, मैदानों और सुनसान स्थानों पर यह गतिविधियां बेरोक-टोक चलता है। नागरिकों का कहना है कि प्रशासन की निष्क्रियता से असामाजिक तत्वों को अप्रत्यक्ष रूप से बढ़ावा मिल रहा है। इस अव्यवस्था का सबसे अधिक असर सामाजिक वातावरण पर पड़ रहा है। शाम के समय ट्यूशन से लौटने वाली छात्राओं और बाजार जाने वाली महिलाओं को नशे में धुत लोगों की अभद्र टिप्पणियों और अशोभनीय व्यवहार का सामना करना पड़ता है। कई बार राहगीरों से विवाद की स्थिति भी बन जाती है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर शराबखोरी केवल कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि समाज की शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है। नागरिकों की मांग है कि पुलिस और आबकारी विभाग संयुक्त अभियान चलाकर सार्वजनिक स्थानों पर शराबखोरी पर रोक लगाएं, ताकि शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।
एन एच के ढाबों में भी हो रही शराबखोरी
शराब दुकानों के आसपास तो जैसे मयखाना बन गया है। शराबी दुकानों के आस- पास ही जमावड़ा लगा कर खुलेआम शराबखोरी करते हैं। इसके साथ ही नेशनल हाईवे 53 और 353 में संचालित कई ढाबों में भी शराबखोरी हो रही है। जिस पर न तो पुलिस की नजर है और न ही आबकारी विभाग की। दोनों ही विभाग मुकदर्शक बन बैठे हैं। शहर के टामकी तालाब, दलदली रोड, हाऊसिंग बोर्ड का इलाका, पुरानी मंडी, नई कृषि उपज मंडी सहित शहर के आऊटर एरिया में दिन ढ़लते ही शराबखोरी और शराबियों का जमावड़ा आम बात हो गई है।
