संभागायुक्त डोमन सिंह ने भानुप्रतापपुर में मावा मोदोल, पुनर्वास केन्द्र का किया निरीक्षण

पीएससी के विद्यार्थियों को प्रोत्साहित कर किया मार्गदर्शन
उत्तर बस्तर कांकेर, 19 फरवरी 2026/ बस्तर संभाग के संभागायुक्त डोमन सिंह आज जिले के चारामा-भानुप्रतापपुर क्षेत्र के प्रवास पर रहे। इस दौरान उन्होंने ग्राम चपेली में लाख उत्पादन एवं संग्रहण केन्द्र, भानुप्रतापपुर में मावा मोदोल निःशुल्क कोचिंग संस्था तथा ग्राम चौगेल (मुल्ला) में माओवाद पुनर्वास केन्द्र का अवलोकन व निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इसके अलावा कमिश्नर ने ब्लॉक स्तर के अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय योजनाओं और महत्वाकांक्षी कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की जानकारी ली।
विद्यार्थी मेहनत करें, सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता
संभागायुक्त सिंह दोपहर को विकासखण्ड मुख्यालय भानुप्रतापपुर में स्थित मावा मोदोल निःशुल्क कोचिंग संस्था एवं हाईटेक लाइब्रेरी का अवलोकन किया। उन्होंने जिला प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए दूरस्थ क्षेत्रों में निवासरत विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु बेहतर माध्यम बताया। इस दौरान सिंह ने लाइब्रेरी में अध्ययनरत विद्यार्थियों से रूबरू होकर मार्गदर्शन किया। साथ ही क्लासरूम में विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे पूरी शिद्दत से पाठ्यक्रमों पर मेहनत करें, क्योंकि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। आज के दौर में विभिन्न सुविधाओं के साथ-साथ कॉम्पीटिशन भी बढ़ गया है। बस्तर कमिश्नर ने सभी विद्यार्थियों को अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षा ही है, जो जीवन में आमूल-चूल और सकारात्मक परिवर्तन लाती है। अतः जीवन में शिक्षा बहुत ही आवश्यक है।
पुनर्वास केन्द्र का अवलोकन कर कृषि आधारित पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षण देने के दिए निर्देश
कमिश्नर सिंह ने भानुप्रतापपुर क्षेत्र के प्रवास के दौरान ग्राम चौगेल (मुल्ला) स्थित माओवाद पुनर्वास केन्द्र का अवलोकन एवं निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आत्मसमर्पित माओवादियों से चर्चा कर उनका हालचाल जाना तथा उनकी मांग अनुसार जरूरी सुविधाएं विकसित करने के लिए जिला पंचायत के सीईओ और नोडल अधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए। इस अवसर पर उन्होंने मूलभूत सुविधाओं सहित नए ट्रेड में प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए कार्ययोजना बनाने हेतु निर्देशित किया। आत्मसमर्पित माओवादियों की मांग के अनुसार उन्नत कृषि, बागवानी, मुर्गी पालन, मछली पालन, बकरी पालन, शूकर पालन आदि का तकनीकी प्रशिक्षण प्रदाय करने के लिए एक सप्ताह के भीतर कार्ययोजना तैयार करने हेतु नोडल अधिकारी अहिरवार को निर्देशित किया। साथ ही कार्यालयीन उपयोग हेतु बस्ता निर्माण का भी प्रशिक्षण प्रदान करने के निर्देश नोडल अधिकारी को दिए। उन्होंने विशेष तौर पर सभी के आधार कार्ड, राशन कार्ड तथा बैंक में खाते अनिवार्य रूप से खोलने के लिए भी निर्देशित किया। कमिश्नर ने पूरे परिसर में आवश्यक साज-सज्जा करने तथा रिनोवेट कराने के लिए जिला सीईओ को निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने प्रशिक्षणरत 39 आत्मसमर्पित माओवादियों को ड्राइविंग लर्निंग लाइसेंस और 06 को राशन कार्ड मौके पर वितरित किए। नोडल अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में 40 आत्मसमर्पित माओवादियों को चार पहिया वाहन चालन, सिलाई, सहायक इलेक्ट्रिशियन तथा काष्ठशिल्प पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही नियमित रूप से प्राथमिक एवं माध्यमिक स्तर की शिक्षा भी दी जा रही है।
महिला समूह द्वारा ग्राम चपेली में लाख उत्पादन एवं संग्रहण की ली जानकारी
इसके पहले, कमिश्नर सिंह चारामा विकासखंड के ग्राम चपेली स्थित लाख उत्पादन एवं संग्रहण केंद्र पहुंचे, जहां उन्होंने समूह की महिलाओं द्वारा किए जा रहे लाख उत्पादन और स्वरोजगार से लाभ की जानकारी ली। मां लक्ष्मी स्व सहायता समूह की सदस्य श्रीमती मालती मंडावी ने बताया कि 10 सदस्यीय समूह के द्वारा लाख का उत्पादन लगभग 8-10 सालों से किया जा रहा है। इसके पहले पूर्वजों के द्वारा पारंपरिक तौर पर लाख की खेती की जाती थी। समूह की महिलाओं ने बताया कि लाख का उत्पादन प्रायः कुसुम, बेर के पेड़ अथवा बौनी प्रजाति के सेमियालता के पौधों में किया जाता है। इसके लिए शाख कर्तन कर उसमें लाख के बीज रोपित किए जाते हैं और कीड़े के प्रोसेस से लाख तीन से छह महीने में लाख तैयार हो जाता है। इसके बाद पेड़ की छोटी-छोटी शाखाओं को काटकर उनके सूखने के बाद उसे अलग किया जाता है। संभागायुक्त के द्वारा इसके विपणन के संबंध में पूछे जाने पर महिलाओं ने बताया कि वर्तमान में यह झारखंड के रांची की निजी फर्मों के द्वारा 1000-1100 रुपए प्रति किलो के मान से खरीदा जाता है। अगर इसकी प्रोसेसिंग की जाती है तो गुणवत्ता के आधार पर यह 1400-1500 रुपए प्रतिकिलो की दर से भी बिकता है। कमिश्नर सिंह ने इसके विपणन की मध्यस्थता समाप्त करते हुए समूह के द्वारा प्रत्यक्ष मार्केटिंग के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश जिला पंचायत के सीईओ मंडावी को दिए। साथ ही और भी महिलाओं का समूह तैयार कर लाख उत्पादन व संग्रहण से जोड़ते हुए आय अर्जित कराने की बात कही। इस दौरान उन्होंने कुसुम, बेर और सेमियालता में लगाए गए लाख का भी अवलोकन किया।
ब्लॉक स्तर के अधिकारियों की ली संक्षिप्त बैठक
जिला प्रवास के दौरान बस्तर कमिश्नर सिंह ने भानुप्रतापपुर विकासखंड मुख्यालय के जनपद पंचायत के सभाकक्ष में ब्लॉक स्तर के अधिकारियों की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, वन, महिला एवं बाल विकास, राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग सहित विभिन्न विभागों में संचालित योजनाओं और गतिविधियों के क्रियान्वयन की समीक्षा की। कमिश्नर ने मोतियाबिंद उन्मूलन कार्यक्रम और मुख्यमंत्री मोबाइल क्लीनिक की लक्ष्य के विरुद्ध भौतिक प्रगति की जानकारी बीएमओ से ली। इसी तरह अपार आईडी में रजिस्ट्रेशन, सरस्वती निःशुल्क सायकल वितरण योजना, स्कूलों में अब तक जारी किए गए जाति प्रमाण पत्र के संबंध में बीईओ से प्रगति की जानकारी लेकर आवश्यक निर्देश दिए। इसके अलावा सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में पंचायत के सहयोग से दरी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। साथ ही नशामुक्त अभियान अंतर्गत कोटपा एक्ट के तहत् लगातार छापामार कार्रवाई करने के निर्देश जिला पंचायत के सीईओ हरेश मंडावी और एसडीएम भानुप्रतापपुर जीडी वाहिले को दिए। वन विभाग की समीक्षा के दौरान वन अधिकार मान्यता पत्र के संबंध में एसडीओ द्वारा समुचित जवाब नहीं देने पर अगली बैठक में पूरी जानकारी के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए। इसके अलावा अन्य विभाग के अधिकारियों को शासन की मंशानुसार ग्रामीणों से जुड़कर उनकी समस्याओं का समाधान करने के लिए निर्देशित किया।