परिवार के अलग-अलग को नौकरी लगाने के लिए दिए 5.86 लाख, हुआ ठगी का शिकार

महासमुंद। सरकारी नौकरी लगाने के नाम पर एक व्यक्ति ने करीब 5.86 लाख रुपए की ठगी कर ली। तुमगांव थाने में आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है। तुमगांव पुलिस को दिए गए आवेदन में कौंवाझर निवासी गेंदराम जांगड़े (46) ने कहा है कि शशि कुमार तांडी ने उसकी पुत्री और परिवार के लोगों को नौकरी लगवाने के नाम से रकम लेने के बाद फर्जी आदेश पत्र देकर धोखाधड़ी की है। उनका (प्रार्थी) रंगीला ढाबा के नाम से नेशनल हाईवे 53 रोड कौंवाझर में ढाबा था।
उसके ढाबे में गोविंद राम बेहरा का आना-जाना था। उसी दौरान उनकी पुत्री जो कॉलेज की पढ़ाई कर रही थी, उसके लिए नौकरी के लिए बात की तब उसने बताया कि एक आदमी है, किसी को नौकरी लगाना है तो बताना। बाद गोविंद ने उसकी शशि कुमार तांडी से मुलाकात कराई। इस पर तांडी ने बताया कि पंचायत विभाग में चपरासी का पोस्ट खाली है, साहब लोगों को पैसा देना पड़ेगा, तब तुम्हारी पुत्री की नौकरी लग जाएगी। फिर 15 अक्टूबर 2024 को ढाबा में गोविंद राम बेहरा के सामने उसने तांडी को नगद 1 लाख रुपए दिया था, उसने कुछ दिन बाद उन्हें और पुत्री को रायपुर बुलाया। करीब एक सप्ताह बाद शशि कुमार ने फोन लगाकर कहा कि ज्वाइनिंग लेटर जारी हो गया है और पैसा देना पड़ेगा नहीं तो 15 दिन में ज्वाइनिंग आदेश कैंसिल हो जाएगा और वीडियो कॉल कर संयुक्त कलेक्टर जिला रायपुर से हस्ताक्षर किया हुआ कार्यालय ग्रामीण पंचायत विभाग छत्तीसगढ सेक्टर नार्थ ब्लाक ए नवा रायपुर अटल नगर का आदेश पत्र दिखाया। बाद उसने रायपुर जाकर नगद 50 हजार रुपये जिला पंचायत रायपुर आफिस के सामने दिया। बाद 4 नवंबर 2024 को उसने फिर कहा कि और पैसा लगेगा। तब प्रार्थी ने शशि कुमार तांडी के पंजाब नेशनल बैंक के खाते में 50 हजार रुपए का डीडी बनवा कर डलवाया। बाद ज्वाइनिंग के लिए फिर डी.डी. बनाने के लिए 11 हजार रुपए दिए। बाद उसने फोन कर रायपुर बुलाया, तब वह अपनी पुत्री के साथ रायपुर गया।
वहां शशि कुमार ने कहा कि तुम्हारे जान पहचान में अगर कोई हो जिसे नौकरी की जरूरत है तो बताना। महिला बाल विकास पिथौरा (महासमुंद) में फील्ड आफिसर की जरूरत है, जिस पर उसने अपने रिश्तेदार रामू सोनवानी बुंदेली के रहने वाले को बताया। तो वह राजी हो गया। इस बार शशि कुमार तांडी द्वारा नौकरी के लिए 1.10 लाख रुपये की मांग की। तब रामू सोनवानी ने अपनी भतीजी रूपाली सोनवानी व प्रार्थी के समक्ष 27 दिसंबर 2024 को कलेक्टर कार्यालय के पीछे महासमुंद बाल विकास विभाग के सामने अपनी नौकरी के लिए 11 हजार डीडी बनाने के लिए नगद तथा रूपाली सोनवानी के लिए जनपद पंचायत पिथौरा में कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी लगाने के लिए 11 हजार रुपये डीडी बनाने के लिए दिया। यहां शशि कुमार तांडी द्वारा कलेक्टर कार्यालय रायपुर में वाहन चालक की जरूरत है कहा। जिस पर प्रार्थी ने अपने भतीजे दिलीप जांगडे के लिए शशि कुमार तांडी को डीडी बनाने के लिए नगद 11 हजार रुपये, 30 दिसंबर 2024 को 40 हजार रुपये दिया था। वहीं 31 दिसंबर 2024 को रामू सोनवानी ने अपनी भतीजी रूपाली सोनवानी के लिए 30 हजार, 03.01.2025 को 50 हजार रुपये एवं 04 जनवरी 2025 को 50 हजार रुपये रामू सोनवानी ने दिया जिसे उसने शशि कुमार तांडी को दिया।
करीब 15 दिन बाद शशि कुमार ने जनपद पंचायत पिथौरा में आकर रामू सोनवानी को महिला बाल विभाग में नियुक्त के संबंध में नियुक्ति आदेश पत्र दिया। तथा उसके साले जितेंद्र चेलक को तकनीकी सहायक जिला पंचायत महासमुंद एवं मेरी साली नेहा चेलक को डाटा एंट्री ऑपरेटर कलेक्टर कार्यालय दुर्ग में नौकरी लगवाने के लिए शशि तांडी द्वारा डीडी बनाने के लिए पैसा मांगने पर 22 हजार रुपये दिया। तथा इन लोगों की नौकरी के लिए आदेश जारी करवाने के लिए 09 जनवरी 2025 को 75 हजार रुपये एवं 25 हजार रुपये फोन के माध्यम से प्रार्थी के साले जितेंद्र चेलक एवं अनूप चेलक ने दिया और 10 जनवरी 2025 को अनूप चेलक ने फिर 50 हजार रुपये शशि तांडी के फोन पे पर डलवाया। वह जब अपनी पुत्री प्रीतिका जांगड़े के आफिस जाने के संबंध में शशि तांडी से पूछता था तब वह मैं जब बोलूंगा तब जाना और अपनी नियुक्त आदेश को मत दिखाना कहता था । प्रार्थी ने अपने अपने आवेदन में बताया कि आरोपी शशि कुमार तांडी ने उनकी पुत्री एवं उसके परिवार के किसी भी व्यक्ति की नौकरी नहीं लगवाई गई और फर्जी नियुक्ति आदेश देकर कुल रकम 5.86 लाख रुपये की धोखाधड़ी की। मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 318(4), 336(3), 338, 340(2) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया गया है।

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