आंधी, बारिश के कारण धान बेचने नहीं पहुंचे किसान, कृषि उपज मंडी में नीलामी की तैयारी पूरी

महासमुंद 5 मई 2025। रबी फसल धान खरीदी आज से पिटियाझर कृषि उपज मंडी में शुरू होने वाली थी, लेकिन धान नहीं पहुंचने के कारण बोहनी तक नहीं हो पाई। बता दें कि खरीफ के धान को सरकार समर्थन मूल्य पर खरीदती है। इसलिए किसानों को खरीफ का धान बेचने की समस्या नहीं होती। वहीं रबी सीजन का धान बेचने किसानों को भटकना पड़ता था और वे अपने धान को औने-पौने दाम पर बेचने को मजबूर थे। इस समस्या को देखते हुए दो साल पहले पिटियाझर कृषि उपज मंडी में रबी फसल धान को बेचने की व्यवस्था की गई। जिसके बाद से ही कृषि उपज मंडियों में पिछले दो सालों से रबी सीजन धान की खरीदी शुरू होने और किसानों को मंडी में उचित दाम मिलने से मंडियों में धान की आवक लगातार बढ़ी है। पिछले दो साल की तरह इस साल भी कृषि उपज मंडी अंतर्गत आने वाले 195 गांवों के किसानों के लिए सोमवार से मंडी प्रांगण में सुबह 9 बजे से नीलामी का समय रखा गया था। कृषि उपज मंडी सचिव पूरन सिंह कश्यप ने बताया कि नीलामी की सभी तैयारी पूरी कर ली गई थी, लेकिन आज पहले दिन कोई भी किसान धान लेकर नहीं पहुंचा जिससे खरीदी नहीं हो पाई ।
मंडी सचिव ने बताया कि कृषि उपज मंडी क्षेत्र के 195 गांव आते हैं। जिनके किसान यहां धान बेचने आते हैं। महासमुंद के अलावा बागबाहरा क्षेत्र के किसान भी पिछले साल धान बेचने पहुंचे थे। गत वर्ष मंडी प्रांगण में 5 मई से 12 जून तक रबी फसल धान की खरीदी हुई थी इस दौरान 30 हजार 75 क्विंटल धान खरीदा गया था। जिसमें अधिकतर बेमचा साराडीह, खरोरा, अरंड, हाड़ाबंद और तुमगांव क्षेत्र के कुछ गांव के किसान धान बेचने यहां पहुंचे थे। गत वर्ष मोटा धान 18 सौ रुपए प्रति क्विंटल, पतला 23 सौ और 2 हजार प्रति क्विंटल तक की बोली लगी थी।