सुशासन तिहार में सभी आवेदनों का निराकरण सुनिश्चित किया जाए, पीएम रिपोर्ट एक सप्ताह व दस्तावेज 15 दिन के भीतर प्रस्तुत करें-कलेक्टर

महासमुंद 29 अप्रैल 2025। कलेक्टर विनय लंगेह ने कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में समय-सीमा बैठक लेकर जिले में संचालित प्रमुख योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में सुशासन तिहार,“मोर दुआर साय सरकार“, “आवास प्लस 2.0“, “पीएम जनमन योजना“, युक्तियुक्तकरण सहित योजनाओं की समीक्षा की। बैठक में जिला पंचायत सीईओ एस. आलोक, अपर कलेक्टर रवि कुमार साहू, एसडीएम सरायपाली नम्रता चौबे, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती सृष्टि चंद्राकर, आशीष कर्मा सहित जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारी वर्चुअल रूप से शामिल रहे।
बैठक में कलेक्टर श्री लंगेह ने “मोर दुआर-साय सरकार“ विशेष सर्वेक्षण पखवाड़े के सफल संचालन हेतु अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य आवास योजना से वंचित पात्र ग्रामीणों की पहचान कर उन्हें लाभान्वित सुनिश्चित करना है। अभी तक जिले में 1 लाख 28 हजार परिवारों का सर्वेक्षण किया जा चुका है। इसकी आखिरी तिथि 30 अप्रैल है। श्री लंगेह ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि “सुशासन तिहार“ के तहत प्राप्त आवेदनों का निराकरण करने के पश्चात संबंधित आवेदकों को भी सूचना दें। साथ ही संबंधित पोर्टल पर प्रविष्टि कर 30 अप्रैल तक अनिवार्य रूप से एंट्री सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जिले में प्राप्त 1 लाख 82 हजार आवेदनों मे से 1 लाख 50 हजार आवेदनों का निराकरण किया गया है शेष 30 हजार आवेदनों का गुणवत्ता पूर्ण निराकरण करें। प्रत्येक विभाग टीम बनाकर आवेदनों का गुणवत्ता पूर्ण और त्वरित निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा इसका उद्देश्य जन शिकायतों का त्वरित समाधान और योजनाओं की अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसके पश्चात 5 मई से समाधान शिविर आयोजित किया जाएगा।
कलेक्टर श्री लंगेह ने भूमि जल संरक्षण और जल प्रबंधन को लेकर सभी विभाग प्रमुखों को निर्देश दिए कि वे अपने अधीनस्थ क्षेत्रों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की स्थापना सुनिश्चित करें और जन जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को जल संरक्षण के प्रति प्रेरित करें।
कलेक्टर श्री लंगेह ने जिले में शालाओं और शिक्षकों की युक्तियुक्तकरण पूरी पारदर्शिता और शासन के नियमानुसार करने के निर्देश शिक्षा विभाग को दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया को समय सीमा में पारदर्शिता के साथ पूर्ण कर लें। शासन के निर्देशानुसार 10 जून तक शिक्षकों की युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। वही स्कूलों का युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया 25 मई तक पूरी होगी, जबकि शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया 10 जून तक पूरी होगी। उन्होंने युक्तियुक्तकरण कार्य को प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए हैं। स्कूली शिक्षा में संतुलन और गुणवत्ता सुधार के लिए इस कार्य को प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए।