चिंगरौद स्कूल में मनाई सावित्रीबाई फुले की जयंती

महासमुंद। बैगलेस डे के अवसर पर देश की पहली महिला शिक्षक एवं नारी मुक्ति आंदोलन की प्रणेता, महान समाज सेविका सावित्रीबाई फुले की जयंती शास. उच्च प्राथ. शाला चिंगरौद में मनाई गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रभारी प्रधान पाठक गणेश राम चंद्राकर ने कहा कि सावित्रीबाई फुले एक महान समाज सुधारक, शिक्षाविद् और कवयित्री थी। उन्होंने महिलाओं और दलितों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया। शिक्षक योगेश कुमार मधुकर ने कहा कि सावित्रीबाई फुले ने महिलाओं और दलितों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया था। उन्होंने महिलाओं के लिए शिक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया और उन्हें शिक्षित करने के लिए कई स्कूलों की स्थापना की। सावित्रीबाई फुले एक कवयित्री भी थीं। शिक्षक पोखर लाल चंद्राकर, शिक्षक डिगेश कुमार ध्रुव ने भी सावित्रीबाई फुले के बारे में बच्चों को बताया। इस दाैरान शिक्षकों द्वारा स्मार्ट टीवी के माध्यम से बच्चों को सावित्रीबाई फुले के जीवन परिचय के बारे में एक लघु फिल्म दिखाकर उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व के बारे में जानकारी दी गई। इस अवसर पर समस्त छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।