अमृतधारा जलप्रपात एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है, जहाँ लोग प्राकृतिक सौंदर्य व धार्मिक महत्व का अनुभव करने के लिए आते

एमसीबी 3 जनवरी 2025। अमृतधारा जलप्रपात राज्य के में हसदेव नदी पर एक प्राकृतिक जलप्रपात है। यह जलप्रपात अपनी प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता है। यह जलप्रपात 90 फुट (27.4 मीटर) ऊँचा है और 15 फीट चौड़ा है। इसके पास भगवान शिव का एक प्राचीन मंदिर स्थित है, जो यहाँ के धार्मिक महत्व को और भी बढ़ाता है। यह क्षेत्र पांचवी अनुसूची के अंतर्गत आता है, जहाँ पंडो, गोंड़, बैगा, चेरवा आदि जनजातियां निवासरत हैं। यह क्षेत्र अपनी सांस्कृतिक विविधता और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए जाना जाता है। अमृतधारा जलप्रपात एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है, जहाँ लोग प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक महत्व का अनुभव करने के लिए आते हैं। यह जलप्रपात की राजधानी से करीब 300 किलोमीटर की दुरी में स्थित है, जो इसे एक आसानी से पहुँच योग्य स्थल बनाता है। अमृतधारा जलप्रपात वास्तव में एक अद्वितीय और आकर्षक स्थल है। नेशनल हाइवे पर लाई पंचायत बसा हैै। इस पंचायत से महज आठ किलो मीटर की दूरी पर प्रसिद्ध अमृतधारा जलप्रपात है। बारिश के मौसम में इस जलप्रपात की सुंदरता और भी बढ़ जाती है, जब पानी का तेज बहाव इसे एक अद्वितीय दृश्य बनाता है। यहां पानी करीब 90 फीट की ऊंचाई से जमीन पर गिरती है, जिससे एक अनोखी आवाज यहां गूंजती है। अमृतधारा जलप्रपात छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश दोनों जगहों के पर्यटकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य है। यह जलप्रपात अपनी प्राकृतिक सुंदरता और अनोखे दृश्य के लिए जाना जाता है, जो पर्यटकों को आकर्षित करता है। अमृतधारा जलप्रपात की कहानी बहुत ही रोचक है। यह जलप्रपात कोरिया रियासत के राजा द्वारा अमृतधारा नाम दिया गया था। यह जलप्रपात जनजातियों के गांव के पास स्थित है, जो यहां सालों से रहते आ रहे हैं। यह जलप्रपात शहर के हलचल से दूर गांव देहात में स्थित है। सावन के पूरे महीने में यहां आने वाले पर्यटकों का मेला लगा रहता है, जो यहां की सुंदरता का आनंद लेने के लिए आते हैं। बारिश में जब हरियाली बढ़ जाती है, तो यहां का नजारा और भी शानदार हो जाता है। यह जलप्रपात अपनी अनोखी सुंदरता के लिए जाना जाता है, जो पर्यटकों को आकर्षित करता है। अमृतधारा की सुंदरता कुछ ऐसी है कि कोई इसे अपने कैमरे में कैद करना चाहता हैं।