नेशनल लोक अदालत में फिर से मिले दो परिवार

आपसी सुलह एवं समझौते के आधार पर किया गया प्रकरण का निराकरण
महासमुंद। जिला न्यायालय में आयोजित नेशनल लोक अदालत में दो बिखरता परिवार फिर से एक हुए। खंडपीठ- 2 के समक्ष भरण-पोषण मामला जो कि महासमुंद कुटुम्ब न्यायालय में लंबित था। जिसमें पीठासीन अधिकारी प्रफुल्ल कुमार सोनवानी द्वारा समझाइश दिया गया जिससे प्रेरित होकर दोनों दंपत्ति एक साथ रहने के लिए सहमत होेते हुए अपना दाम्पत्य जीवन एक साथ गुजारने को तैयार हो गए। दरअसल तुमगांव थाना क्षेत्र के ग्राम बेलटुकरी निवासी शांति बाई (बदला हुआ नाम) विरूद्व ग्राम खैरझिटी के शोभाराम के बीच आपसी विवाद के कारण धारा 125 दण्ड प्रक्रिया संहिता के तहत भरण-पोषण की राशि दिलाए जाने के संबंध में मामला पेश हुआ था। श्रीमती शांति बाई और शोभा का विवाह वर्ष 2021 में सामाजिक रीति रिवाज के साथ हुआ था। जिसके बाद पति पत्नी में अनबन होने पर शांति बाई फरवरी 2024 में अपने पति से अलग होकर अपने मायके में रहने लगी थी। जिसका प्रकरण परिवार न्यायालय में दर्ज था। जिसे आज नेशनल लोक अदालत के खंडपीठ के माध्यम से समझाइश एवं आपसी सुलह के माध्यम से निराकरण किया गया। इसी तरह एक अन्य मामले में नया मछली बाजार दलदली रोड निवासी आवेदिका रेवती बाई (परिवर्तित नाम) का विवाह वर्ष 2019 में तुमगांव निवासी सुरेश बंजारे के साथ हुआ था। दोनों में विवाद के कारण वह अपने पति से दिसंबर 2023 से अलग रह रही थी। जिसका प्रकरण आज नेशनल लोक अदालत में पीठासीन अधिकारी द्वारा समझाइश दिया गया जिससे अब दोनों दंपत्ति एक साथ रहने के लिए सहमत हुए और दोनों एक साथ रहने को राजी हो गए।