अल्पसंख्यक टर्म लोन योजना : अल्पसंख्यक वर्गों के उद्यमिता कौशल को संबल देती एक उत्कृष्ट योजना

दंतेवाड़ा 05 नवम्बर 2024/ जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति की ’’अल्पसंख्यक टर्म लोन योजना’’ असंगठित रूप से गुमटी, ठेले, या फेरे लगाकर जीविकोपार्जन करने वाले परिवारों के आर्थिक उत्थान, सामाजिक सुरक्षा एवं सम्मान पूर्वक जीवन यापन करने में सहायक सिद्ध हो रही है। अपने व्यवसाय के व्यवस्थापन एवं उत्पादों की बिक्री में बढ़ोतरी करने हेतु संचालित ’’अल्पसंख्यक टर्म लोन योजना’’ र्स जिले के अनेक परिवारों को आर्थिक संबल मिला है। और इस योजना के माध्यम से न केवल उनका कारोबार मजबूत हुआ बल्कि आमदनी बढ़ने से पहले के मुकाबले वे आर्थिक रूप से सशक्त हुए।
सुखविंदर कौर के जनरल स्टोर्स एवं मो.अब्दुल्ला के टेलरिंग उद्यम को मिली नई मजबूती :
’’अल्पसंख्यक टर्म लोन योजना’’ के लाभार्थियों में बड़े बचेली निवासी सुखविंदर कौर और मो.अब्दुल्ला भी शामिल है। जिन्होंने अपने लघु व्यवसाय को इस योजना के माध्यम से अधिक लाभदायी बनाया हैं। इस क्रम में बड़े बचेली वार्ड क्र 01 की रहने वाली सुखविंदर कौर बताती है कि इस योजना से लाभान्वित होने से पूर्व वे एक लघु स्तर का किराना दुकान चलाती थी। जिसमें आमदनी न के बराबर थी और तो और मात्र आठवीं तक शिक्षा प्राप्त करने के कारण नौकरी के भी अवसर नहीं मिल रहे थे। फिर समाचार पत्रों के माध्यम से उन्हें इस योजना के बारे में पता चला उन्होंने तुरंत कार्यालय जिला समिति दन्तेवाड़ा से सम्पर्क कर ’’अल्पसंख्यक टर्म लोन योजना’’ के बारे में जानकारी लेकर सभी आवश्यक ऋण दस्तावेज कार्यालय में जमा कर दिया। तत्पश्चात उन्हें किराना व्यवसाय के लिए 1 लाख का ऋण प्राप्त हुआ। इस तरह उन्हें अपने व्यवसाय को व्यवस्थित और विस्तार करने में इस ऋण का बड़ा योगदान रहा। कौर का कहना है कि वर्तमान में वे प्रतिमाह 10,000 रुपये तक आमदनी अर्जित कर रही है। इससे उनका परिवार का जीवन स्तर पहले से बेहतर हो गया है। वे यह भी कहती है कि शासन द्वारा चलाई जा रही यह योजना कम पढ़े लिखे लोगों के व्यवसायों के लिए एक बहुत बड़ा सहारा है।
ग्राम बड़े बचेली के ही वार्ड क्र 02 रहने वाले मो.अब्दुल्ला के लिए भी ’’अल्पसंख्यक टर्म लोन योजना’’ ने उनके टेलरिंग व्यवसाय को आमदनी का एक बड़ा जरिया बना दिया है। मो.अब्दुल्ला इस संबंध में बताते हैं कि जिला अंत्याव्यवसायी सहकारी विकास समिति दंतेवाड़ा से ऋण लेने के पूर्व वे छोटा सा दुकान में टेलरिंग का कार्य कर रहे थे। परन्तु आय कम होने के कारण घर की आर्थिक स्थिति हमेशा डावांडोल रहती थी। फिर मात्र 10वीं तक शिक्षित होने के कारण रोजगार के अवसर भी नहीं थे। मो.अब्दुल्ला आगे बताते है कि एक दोस्त के माध्यम से जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति की इस योजना की जानकारी मिली। और कार्यालय द्वारा योजना के बारे में विस्तारपूर्वक अवगत कराया गया। तब जाकर उन्होंने योजना से संबंधित सभी आवश्यक ऋण दस्तावेज जमा कर कार्यालय में उपलब्ध कराया। इस प्रकार योजना के अंतर्गत उन्हें 1 लाख का ऋण कपड़ा व्यवसाय एवं टेलर कार्य के लिए दिया गया। इस प्रकार उन्हें अब टेलरिंग व्यवसाय से प्रतिमाह 12 हजार रुपये तक की आमदनी प्राप्त हो रही है। जीवन स्तर में सुधार आने से उनका परिवार पूर्व के मुकाबले अब बेहतर स्थिति में है।
ज्ञात हो कि जिला अंत्याव्यवसायी सहकारी विकास समिति की अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम के तहत अल्पसंख्यक वर्ग के हितग्राहियों को टर्म लोन एवं माइक्रो लोन अन्तर्गत 1 लाख से 50 हजार तक की लोन उपलब्ध कराये जाते है। वास्तव में अल्पसंख्यक वर्ग के रोजगार स्रोतों के उन्नयन को प्रोत्साहन देने में ’’अल्पसंख्यक टर्म लोन योजना’’ एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के अनपढ़ या कम पढ़े लिखे युवाओं और महिलाओं को अपने पांव में खड़े होने की नई ताकत दी हैं।