मुख्यमंत्री के मंशानुरूप अनुकंपा नियुक्ति आवेदनों का त्वरित निराकरण अब तक 22 मामले निपटाएं गए

बलरामपुर 18 अक्टूबर 2024। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशों के तहत शासकीय कर्मचारियों के निधन के बाद उनके आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति देने की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है। इसी क्रम में कलेक्टर रिमिजियुस एक्का के नेतृत्व में अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। बीते कुछ महीनों में जिला प्रशासन द्वारा 22 आवेदकों को अनुकंपा नियुक्ति दी गई है। कलेक्टर ने संवेदनशीलता के साथ दिवंगत शासकीय कर्मचारियों के परिवारों को सहायता प्रदान की है। उन्होंने कई नियुक्ति पत्र प्रदान करते हुए आश्रितों को निष्ठा और लगन के साथ शासकीय सेवा करने के लिए शुभकामनाएं दी। कलेक्टर के इस कदम से न केवल परिजनों को आर्थिक सुरक्षा मिली है, बल्कि उनका स्थिर भविष्य भी सुनिश्चित हुआ है।
अनुकंपा नियुक्ति पाने वाले परिवारों को मिला संबल
राजस्व विभाग, कृषि विभाग, स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग में कार्यरत कई शासकीय कर्मचारियों का आकस्मिक निधन के पश्चात् उनके परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति देने की प्रक्रिया शुरू की गई। इनमें राजस्व विभाग में पदस्थ सहायक ग्रेड-2 स्व. पंकज भगत और स्व. सेवा राम की मृत्यु के बाद उनकी पत्नियों श्रीमती गीतांजली सुरेन और पुत्र रोशन कुमार को अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की गई। इसी प्रकार तहसील कार्यालय वाड्रफनगर में कार्यरत स्व. मंगलसाय लकड़ा, स्व. फुलकेश्वर राम और स्व. गिरजाकांत त्रिवेदी के निधन के बाद उनके आश्रित मनीष कुमार, कुमारी दीपमाला और सत्यम त्रिवेदी को भी अनुकंपा नियुक्ति दी गई। कृषि विभाग के ग्रामीण कृषि विकास अधिकारी स्व. विकास कुमार गोभिल की मृत्यु के बाद उनकी पत्नी श्रीमती श्रद्धा गोभिल को नौकरी दी गई। इसी प्रकार स्वास्थ्य विभाग में वाहन चालक स्व. पुलिस राम पैकरा के पुत्र जितेश कुमार को भी अनुकंपा नियुक्ति दी गई। शिक्षा विभाग के कई दिवंगत कर्मचारियों के परिजनों को भी नौकरी प्रदान की गई, जिसमें स्व. अरुण कुमार भगत, स्व. बद्री प्रसाद, स्व. ईशीन कुजूर, स्व. जितेंद्र कुमार भगत और अन्य दिवंगत कर्मचारियों के आश्रित शामिल है।