स्वच्छता सिर्फ अभियान ही नहीं, बल्कि आदत में शामिल करें- सांसद

‘स्वच्छता ही सेवा’ के समापन अवसर पर सम्मानित हुए स्वच्छता वीर
उत्तर बस्तर कांकेर, 2 अक्टूबर 2024। महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर बुधवार को स्वच्छता ही सेवा (स्वभाव स्वच्छता, संस्कार स्वच्छता) थीम पर 14 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक स्वच्छता पखवाड़ा आयोजित किया गया, जिसका समापन कांकेर के सांसद भोजराज नाग के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य एवं गतिविधि करने वाले ग्राम पंचायतों, संस्थाओं और स्वच्छाग्राही समूहों को प्रशस्ति पत्र प्रदान सम्मानित किया गया। साथ ही उन्होंने उपस्थित लोगों को स्वच्छता एवं मद्यनिषेध की शपथ भी दिलाई।

जिला पंचायत के सभाकक्ष में आयोजित समापन समारोह में मुख्य अतिथि श्री नाग ने कहा कि अपने तथा आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ बनाने के साथ-साथ तन और मन की स्वच्छता ही बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के स्वच्छ भारत के सपने को देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी साकार कर रहे हैं। उनके द्वारा लगातार स्वच्छता अभियान चलाकर भारत वर्ष को विकसित राष्ट्रों में शामिल करने के अथक प्रयास किए जा रहे हैं। सांसद ने उपस्थित लोगों से अपील करते हुए कहा कि इस अभियान को आगे भी जारी रखें और अपने घर-परिवार, समाज, प्रदेश तथा देश को साफ-सुथरा बनाने में अपनी भूमिका सुनिश्चित करें। कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा नागरिकों के सतत् सहयोग से नगर के प्राचीन डढ़िया तालाब को अभियान चलाकर जलकुंभी मुक्त किया गया। इसी तर्ज पर आगे भी सफाई अभियान चलाकर नगर के अन्य तालाबों और सार्वजनिक क्षेत्रों को कचरा मुक्त बनाया जाएगा। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमित अग्रवाल ने सभी ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों में स्वच्छता पर आधारित गतिविधियों एवं कार्यक्रमों की संक्षिप्त जानकारी पीपीटी के माध्यम से दी। इस दौरान सांसद, कलेक्टर एवं अन्य उपस्थित अतिथियों ने ‘एक कदम अपशिष्ट प्रबंधन की ओर’ नामक पुस्तिका का विमोचन भी किया। साथ ही जिला प्रशासन कि तत्वावधान में आदिवासी विकास विभाग द्वारा प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत् विशेष पिछड़ी जनजाति कमार पर आधारित शॉर्ट वीडियो डाक्यूमेंट्री का भी शुभारंभ किया गया।
समापन अवसर पर उपस्थित चारामा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत तारसगांव के सरपंच गिरिवर शोरी ने बताया कि पूर्वजों के समय से दीपावली और मेले के आयोजन के दौरान घर, मोहल्ले में साफ-सफाई की जाती थी, लेकिन अब स्वच्छ भारत मिशन से प्रेरित होकर ग्रामीण अभियान चलाकर प्रतिदिन व्यक्तिगत एवं सामूहिक रूप से साफ-सफाई करते हैं। अब उन्हें सफाई के लिए किसी त्यौहार का इंतजार नहीं करना पड़ता।
स्वच्छता ही सेवा के समापन अवसर पर आयोजित समारोह में उत्कृष्ट और उल्लेखनीय कार्य व गतिविधियां संचालित करने वाले ग्राम पंचायतों, संस्थाओं और स्वच्छाग्राही समूह के 24 स्वच्छता वीरों को सांसद एवं अन्य उपस्थित अतिथियों के द्वारा सम्मानित किया गया।