दीपावली से पहले महंगाई का झटका, रसोई का बजट बिगड़ा
चावल-दाल से लेकर तेल-शक्कर तक के दाम चढ़े, मिठाई भी 10 से 20 रुपए किलो महंगी; मध्यमवर्गीय परिवारों की बढ़ी परेशानी
महासमुंद। दीपावली की रोशनी से पहले महंगाई ने घरों की रसोई में अंधेरा बढ़ा दिया है। त्योहार की मिठास घोलने वाली शक्कर से लेकर रोज की थाली के चावल-दाल और पकवानों में इस्तेमाल होने वाले तेल तक, जरूरी खाद्य सामग्रियों के दाम तेजी से चढ़े हैं। दो महीने में कई वस्तुओं की कीमतों में 20 से 30 फीसदी तक उछाल ने आम परिवारों का घरेलू बजट हिला दिया है। शक्कर 40-45 से 60-65 रुपए किलो और सरसों तेल 170-180 से 210-220 रुपए लीटर तक पहुंच गया है। ऐसे में दीपावली की खरीदारी अब खुशी से ज्यादा जेब का हिसाब मांग रही है। मिठाई, पकवान, पूजा और राशन का खर्च एक साथ बढ़ने से मध्यमवर्गीय परिवारों के सामने त्योहार मनाने और बजट संभालने की दोहरी चुनौती खड़ी हो गई है।
फुटकर कारोबारियों के अनुसार करीब दो माह में कई जरूरी खाद्य वस्तुओं के दाम में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 60-70 रुपए किलो बिकने वाला चावल अब 80-100 रुपए तक पहुंच गया है। राहल दाल 100-120 से बढ़कर 140-160 रुपए, उड़द दाल 100-115 से 125-140, मूंग दाल 100-110 से 115-125 और चना दाल 85-95 से बढ़कर 100-110 रुपए किलो हो गई है। देशी चना 70-80 से 80-90 तथा काबुली चना 90-100 से बढ़कर 110-120 रुपए किलो तक पहुंच गया है।
शक्कर महंगी, मिठाई पर भी असर
दीपावली पर सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली शक्कर के दाम 40-45 रुपए से बढ़कर 60-65 रुपए किलो तक पहुंच गए हैं। इसका सीधा असर मिठाई बनाने की लागत पर पड़ा है। बाजार में मिठाई के दाम भी करीब 10 से 20 रुपए किलो तक बढ़ने की बात सामने आ रही है। चायपत्ती 110-120 से बढ़कर 130-140 रुपए किलो हो गई है। गेहूं 40 से 45 और आटा 38 से 42 रुपए किलो तक पहुंच गया है।
तेल ने बढ़ाई रसोई की लागत
खाद्य तेलों की कीमतों में भी तेजी ने घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। रिफाइंड तेल 160-170 रुपए से बढ़कर करीब 180 रुपए लीटर तथा सरसों तेल 170-180 से बढ़कर 210-220 रुपए लीटर तक पहुंच गया है। मसालों के दाम में भी करीब 50 रुपए किलो तक की वृद्धि बताई जा रही है। वहीं बादाम 1000-1100 से बढ़कर 1200-1300 और काजू 800-900 से बढ़कर 900-1100 रुपए किलो तक पहुंच गया है।
दूध से लेकर गैस सिलेंडर तक महंगा
दूध और दही की कीमतों में भी बढ़ोतरी से लोगों की परेशानी बढ़ी है। दूध की मांग बढ़ने के बीच इसके दाम करीब 60 से 65 रुपए लीटर तक पहुंच गए हैं। पनीर की लागत बढ़ने से इसका असर भी बाजार पर दिखाई दे रहा है। दूसरी ओर घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में बढ़ोतरी ने रसोई का खर्च और बढ़ा दिया है। फरवरी में करीब 937 रुपए का सिलेंडर मार्च में 997 रुपए और अब करीब 1013 रुपए तक पहुंचने की बात बताई गई है।
त्योहार की खरीदारी, लेकिन जेब पर भारी पड़ रहा खर्च
दीपावली पर घरों में मिठाई, नमकीन और पकवान बनाने के साथ पूजा सामग्री व अन्य जरूरी सामान की खरीद बढ़ जाती है। ऐसे में खाद्य वस्तुओं के बढ़े दाम का असर सीधे पूरे घरेलू बजट पर पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि पहले जितने सामान में त्योहार की खरीदारी पूरी हो जाती थी, अब उसी के लिए अधिक रकम खर्च करनी पड़ रही है। कई परिवारों को जरूरत और बजट के बीच संतुलन बनाने के लिए खरीदारी में कटौती करनी पड़ रही है।
लोगों ने प्रशासन से बाजार में जरूरी वस्तुओं की कीमतों की नियमित निगरानी, जमाखोरी और अनावश्यक मूल्यवृद्धि पर कार्रवाई की मांग की है। उपभोक्ताओं का कहना है कि त्योहार खुशियों का होना चाहिए, लेकिन लगातार बढ़ती महंगाई ने दीपावली की खरीदारी को आम परिवारों के लिए आर्थिक चुनौती बना दिया है।
जरूरी खाद्य सामग्रियों के बढ़े दाम
दो माह पहले कीमत वर्तमान कीमत
चावल- 60-70/किलो 80-100/किलो
राहल दाल- 100-120/किलो 140–160/किलो
उड़द दाल- 100-115/किलो 125–140/किलो
मूंग दाल-100-110/किलो 115-125/किलो
चना दाल-85-95/किलो 100-110/किलो
देशी चना- 70-80/किलो 80–90/किलो
काबुली चना-90-100/किलो 110-120/किलो
चायपत्ती-110-120/किलो 130-140/किलो
शक्कर-40-45/किलो 60-65/किलो
गेहूं- 40/किलो 45/किलो
आटा- 38/किलो -42/किलो
बादाम-1000-1100/किलो 1200-1300/किलो
काजू-800-900/किलो 900-1100/किलो
रिफाइंड तेल-160-170/लीटर 180/लीटर
सरसों तेल- 170-180/लीटर 210- 220/लीटर
दूध- 60-65/लीटर
घरेलू एलपीजी सिलेंडर-937, 1013 रुपये
