सेवा की कहानी: बहकर जाने वाला बरसाती पानी बना आजीविका का साधन
डबरी से मछली पालन और सब्जी उत्पादन को मिला सहारा’
रायपुर, 04 अक्टूबर 2026/बारिश का जो पानी पहले बहकर निकल जाता था, अब वही पानी डबरी में सहेजा जा रहा है और परिवार की आजीविका का आधार बन रहा है। सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत लोसगा में ग्रामीण रोजगार योजना के तहत समय लाल बड़ा के नाम से निर्मित आजीविका डबरी ने परिवार के लिए मछली पालन के साथ सब्जी उत्पादन की राह भी खोली है। डबरी में 9 किलो मछली बीज डालकर मछली पालन शुरू किया गया है, वहीं इसमें संचित पानी का उपयोग सब्जी-भाजी की खेती में भी किया जा रहा है।
सेवा संकल्प अभियान के तहत सामने आई यह ‘सेवा की कहानी’ बताती है कि जल संरक्षण के लिए तैयार छोटी परिसंपत्ति को आजीविका गतिविधियों से जोड़कर उसका बहुउपयोग किया जा सकता है। डबरी से परिवार को पानी सहेजने की सुविधा मिली है और अब इसी पानी से मछली पालन तथा सब्जी उत्पादन के रूप में आय के दो अवसर तैयार हुए हैं।
’पिता के नाम बनी आजीविका डबरी, बेटे कनी लाल ने शुरू किया मछली पालन’
ग्राम लोसगा निवासी कनी लाल बड़ा बताते हैं कि उनके पिता समय लाल बड़ा के नाम से ग्रामीण रोजगार योजना के तहत आजीविका डबरी का निर्माण कराया गया है। डबरी तैयार होने के बाद परिवार ने इसमें 9 किलो मछली बीज डालकर मछली पालन शुरू किया है।
मछलियां अभी तैयार हो रही हैं। परिवार को उम्मीद है कि मछलियों के बड़े होने के बाद उन्हें बाजार में बेचकर अतिरिक्त आमदनी प्राप्त होगी। इससे खेती के साथ परिवार को आजीविका का एक और साधन मिलेगा।
’पहले बह जाता था पानी, अब सब्जियों की सिंचाई में आ रहा काम’
कनी लाल बताते हैं कि पहले बरसात का पानी बिना उपयोग के बह जाता था। डबरी बनने के बाद वर्षाजल इसमें एकत्रित होने लगा है। अब परिवार इसी संचित पानी का उपयोग सब्जी-भाजी की खेती और सिंचाई के लिए कर रहा है।
इस तरह डबरी केवल मछली पालन तक सीमित नहीं है। इसमें उपलब्ध पानी ने खेती के लिए भी सुविधा विकसित की है। एक ही जल संरचना से मछली पालन और सब्जी उत्पादन को जोड़कर परिवार उपलब्ध संसाधन का बेहतर उपयोग कर रहा है।
’एक ही परिसंपत्ति से आजीविका के दो अवसर’
मछली पालन और सब्जी उत्पादन को एक साथ जोड़ने से परिवार के लिए आय के दो संभावित स्रोत तैयार हुए हैं। मछलियां तैयार होने पर उनकी बिक्री से अतिरिक्त आमदनी की उम्मीद है, जबकि डबरी के पानी से सब्जी उत्पादन में मदद मिलने से खेती को भी सहारा मिला है।
बरसाती पानी को सहेजकर उसका उत्पादक उपयोग किए जाने से डबरी जल संरक्षण के साथ आजीविका संवर्धन का माध्यम बन रही है।
’जल संरक्षण से आय संवर्धन की ओर बढ़े कदम’
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत समय लाल बड़ा के परिवार की यह कहानी बताती है कि ग्रामीण रोजगार योजना के तहत निर्मित जल संरक्षण परिसंपत्तियों को आजीविका गतिविधियों से जोड़कर ग्रामीण परिवारों के लिए नए अवसर तैयार किए जा सकते हैं। बरसाती पानी का संरक्षण, मछली पालन और सब्जी उत्पादन जैसी गतिविधियां परिवार को उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने में मदद कर रही हैं।
कनी लाल बड़ा ने डबरी निर्माण से मिली सुविधा के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि डबरी बनने से परिवार को मछली पालन के साथ सब्जी-भाजी उत्पादन की सुविधा मिली है और आने वाले समय में इससे आय बढ़ने की भी उम्मीद है।
