महतारी वंदन की 1,000 की सहायता से मालती देवी ने संवारा आत्मनिर्भरता का रास्ता
3 भैंस और 2 गाय के साथ डेयरी व्यवसाय को बनाया नियमित आय का जरिया
दंतेवाड़ा, 15 सितंबर 2026। ’’सेवा संकल्प अभियान’’ के तहत शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों की सफलता की कहानियां यह बताती हैं कि सही अवसर, मेहनत और संकल्प के साथ आर्थिक सहायता को आजीविका के मजबूत साधन में बदला जा सकता है। ग्राम पंचायत हितावर की रहने वाली मालती देवी चौहान ने महतारी वंदन योजना से मिलने वाली 1,000 की मासिक आर्थिक सहायता का सदुपयोग करते हुए पशुपालन एवं डेयरी व्यवसाय को अपनी आजीविका का माध्यम बनाया है।
मालती देवी को महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रत्येक माह 1,000 की राशि प्राप्त होती है। उन्होंने इस सहायता को केवल घरेलू जरूरतों तक सीमित न रखते हुए अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में उपयोग करने का निर्णय लिया। धीरे-धीरे उन्होंने पशुपालन को बढ़ावा दिया और आज उनके पास 3 भैंस एवं 2 गाय, कुल 5 दुधारू पशु हैं।पशुओं से प्राप्त दूध की बिक्री के माध्यम से मालती देवी को नियमित आय प्राप्त हो रही है। डेयरी व्यवसाय से होने वाली आमदनी परिवार की आर्थिक आवश्यकताओं को पूरा करने में सहयोग दे रही है। साथ ही पशुओं की देखभाल एवं व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए भी इस आय का उपयोग किया जा रहा है। इस कार्य ने मालती देवी में स्वयं का व्यवसाय संचालित करने का आत्मविश्वास बढ़ाया है।
मालती देवी की कहानी इस बात का उदाहरण है कि महिलाओं को मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता यदि मेहनत और सूझबूझ के साथ आजीविका से जोड़ी जाए तो वह स्वावलंबन की मजबूत नींव बन सकती है। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पशुपालन के अवसर को अपनाकर उन्होंने अपने लिए आय का स्थायी माध्यम तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। “योजना से सहायता, सहायता से स्वावलंबन” की भावना को साकार करती मालती देवी चौहान की यह पहल सेवा संकल्प अभियान के उद्देश्य को भी मजबूती प्रदान करती है। उनकी सफलता ग्रामीण क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा है कि वे शासन की योजनाओं से मिलने वाले सहयोग का सदुपयोग कर स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सकती हैं।
