रेडक्रॉस प्रशिक्षण के नाम पर 450 शुल्क, पत्र की वैधता पर सवाल
डीईओ के नाम जारी पत्र पर खेल अधिकारी के हस्ताक्षर, जिला शिक्षा अधिकारी ने जताई अनभिज्ञता
महासमुंद। जूनियर रेडक्रॉस काउंसलर्स के प्रशिक्षण शिविर के नाम पर प्रत्येक काउंसलर से 450 रुपये पंजीयन शुल्क लिए जाने को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के नाम से जारी पत्र क्रमांक जूनियर रेडक्रॉस/प्रशिक्षण शिविर/2025-26/5363, दिनांक 31 अगस्त 2026 में सरायपाली, बसना, पिथौरा, बागबाहरा एवं महासमुंद के काउंसलर्स के प्रशिक्षण का उल्लेख है। शुल्क विद्यालय के रेडक्रॉस मद से लेने की बात कही गई है।
सामाजिक एवं आरटीआई कार्यकर्ता पंकज साहू ने पत्र की वैधता और शुल्क निर्धारण पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग की है। उनका कहना है कि विद्यालयों से रेडक्रॉस गतिविधियों के लिए पहले से राशि जमा कराई जाती है, ऐसे में अलग से 450 रुपये लेने का आधार स्पष्ट होना चाहिए।
साहू के अनुसार पत्र डीईओ के नाम से जारी है, लेकिन उस पर खेल अधिकारी के हस्ताक्षर हैं। जिला शिक्षा अधिकारी ने पत्र की जानकारी से अनभिज्ञता जताते हुए उसकी प्रति मांगी है। वहीं जारीकर्ता अधिकारी अंजली बरमाल ने रेडक्रॉस समिति की बैठक में निर्णय लिए जाने की बात कही है।
साहू ने सवाल उठाया कि रेडक्रॉस समिति के अध्यक्ष कलेक्टर हैं, तो क्या शुल्क निर्धारण के निर्णय में उनकी सहमति है? उन्होंने पत्र की वैधता, 450 रुपये शुल्क के आधार, अब तक वसूली गई राशि और रेडक्रॉस मद के उपयोग की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
