सरपंच-सचिव की मनमानी का आरोप, बिना बैठक-प्रस्ताव लाखों की राशि निकाले जाने की शिकायत
समस्याओं का निराकरण नहीं होने से नाराजगी; सफाई, पेयजल से लेकर विकास कार्यों में अनियमितता के लगाए गंभीर आरोप
महासमुंद। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को सौंपे गए एक शिकायत पत्र में ग्राम पंचायत बेमचा में सरपंच एवं सचिव के पंचायत मुख्यालय में नियमित रूप से नहीं बैठने तथा ग्रामीणों की समस्याओं का निराकरण नहीं किए जाने का आरोप लगाया गया है। शिकायत में पंचायत के कार्यों में कथित मनमानी और वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर कार्रवाई की मांग की गई है।
शिकायत पत्र के अनुसार ग्राम पंचायत के सरपंच गुमान यादव एवं सचिव समीर बंजारे के पंचायत में नहीं बैठने से ग्रामीणों को अपनी समस्याएं रखने में परेशानी हो रही है। शिकायतकर्ता ने बताया कि इस संबंध में जनपद सीईओ को आवेदन दिए जाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
पत्र में पंचायत के विभिन्न स्थानों पर साफ-सफाई नहीं कराने, पेयजल समस्या का निराकरण नहीं करने तथा वार्ड क्रमांक 17 के बोर के खराब होने की सूचना दिए जाने के बाद भी उसे ठीक नहीं कराने का आरोप लगाया गया है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि ग्राम पंचायत के द्वारा विभिन्न वार्डों में नाली निर्माण सहित अन्य समस्याओं का निराकरण नहीं किया जा रहा है और ग्रामीणों की बातों को गंभीरता से नहीं लिया जाता।
बिना बैठक-प्रस्ताव राशि निकालने का आरोप
शिकायत पत्र में पंचायत के विभिन्न कार्यों के नाम पर राशि निकाले जाने, जबकि कार्यों की वास्तविक स्थिति, बिल-वाउचर एवं संबंधित दस्तावेजों में कथित अनियमितता होने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पंचायत में होने वाले हिसाब-किताब की जानकारी भी ग्रामीणों को नहीं दी जाती।
सबसे गंभीर आरोप यह लगाया गया है कि सचिव एवं सरपंच द्वारा बैठक एवं प्रस्ताव के बिना पंचायत से राशि निकाली गई है। पत्र में दावा किया गया है कि पिछले करीब तीन माह में लगभग 8 से 10 लाख रुपए की राशि निकाली जा चुकी है, जिसकी जानकारी पंचायत के लोगों को नहीं दी गई।
शिकायतकर्ता ने जिला पंचायत सीईओ से पूरे मामले की जांच कर पंचायत के कार्यों, वित्तीय लेन-देन, बिल-वाउचर एवं अभिलेखों की जांच कराने तथा आरोप सही पाए जाने पर उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
