दादी प्रकाशमणि की 19वीं पुण्य स्मृति पर विश्व बंधुत्व दिवस मनाया
उपकार भवन सेवाकेंद्र में श्रद्धांजलि सभा के साथ स्वैच्छिक रक्तदान शिविर, 50 से अधिक लोगों ने किया रक्तदान
महासमुंद। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि जी की 19वीं पुण्य स्मृति पर ब्रह्माकुमारी बहनों एवं ईश्वरीय परिवार के सदस्यों ने श्रद्धापूर्वक उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। सेवाकेंद्र उपकार भवन में आयोजित कार्यक्रम में दादी प्रकाशमणि जी के आध्यात्मिक एवं मानवतावादी योगदान को स्मरण किया गया। इस अवसर पर स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें 50 से अधिक लोगों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान किया।
सेवाकेंद्र संचालिका ब्रह्माकुमारी प्रीति दीदी ने बताया कि संस्थान दादी प्रकाशमणि जी की पुण्य स्मृति के दिन को विश्व बंधुत्व दिवस के रूप में मनाता है। उन्होंने कहा कि दादी प्रकाशमणि जी का संदेश था कि संसार की सभी आत्माएं एक परमपिता परमात्मा की संतान हैं और आपस में भाई-भाई हैं। उन्होंने मानव जीवन को प्रेम, एकता, विनम्रता, आत्म-जागरूकता, सहनशीलता, प्रसन्नचित्तता और निष्काम भाव के साथ जीने का संदेश दिया।
1969 में संभाली संस्थान की बागडोर
दादी प्रकाशमणि जी ने वर्ष 1969 में संस्थान के संस्थापक प्रजापिता ब्रह्मा बाबा के अव्यक्त होने के बाद ब्रह्माकुमारी संस्था की जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने भारत के साथ-साथ विदेशों का भ्रमण कर मानव समाज को आध्यात्मिकता, आत्म-जागरूकता और परमात्मा के संदेश से जोड़ा। उन्होंने निराकार ज्योति स्वरूप परमपिता परमात्मा शिव के दिव्य अवतरण तथा निकट भविष्य में स्वर्णिम युग के आगमन का संदेश भी दिया।
रक्तदान से दिया मानव सेवा का संदेश
पुण्य स्मृति दिवस पर आयोजित रक्तदान शिविर में 50 से अधिक लोगों द्वारा स्वैच्छिक रक्तदान किया गया। आयोजन के माध्यम से आध्यात्मिक स्मृति के साथ मानव सेवा और परोपकार का संदेश भी दिया गया। ब्रह्माकुमारी बहनों और ईश्वरीय परिवार के सदस्यों ने दादी प्रकाशमणि जी के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
