पुरूर में चलाया गया विशेष जागरूकता एवं बाल संरक्षण अभियान
लोगों को बाल अपराध एवं बाल श्रम के संबंध में किया जा रहा जागरूक
बालोद, 08 अगस्त 2026/कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार महिला एवं बाल विकास विभाग तथा जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में जिला बाल संरक्षण इकाई और चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम के द्वारा जागरूकता एवं बाल संरक्षण अभियान चलाया गया। इस दौरान बाल सक्षम नीति 2022 के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत गुरूर विकासखंड के ग्राम पुरूर में सड़क जैसी परिस्थितियों में रहने वाले बालकों के स्थायी रेस्क्यू एवं पुनर्वास हेतु अभियान संचालित किया गया। अभियान के दौरान विभिन्न स्थानों जैसे झुग्गी-झोपड़ी, बाजार चैक, बस स्टैंड व वार्डों में बाल श्रम प्रतिषेध अधिनियम 1986 के तहत रेस्क्यू अभियान चलाया गया, जिसमें सड़क पर रहने, घूमने एवं भिक्षावृत्ति करने वाले बच्चों के संदर्भ में विशेष कार्रवाई की गई। इस दौरान एक घुमंतू परिवार मिला, जो मूल रूप से गोंदिया (महाराष्ट्र) का निवासी है और पिछले पांच दिनों से पुरूर में रहना बताया। टीम द्वारा उन्हें अपने गृह ग्राम लौटने तथा वहां जीवन निर्वहन करते हुए बच्चों की बेहतर देखरेख व शिक्षा सुनिश्चित करने हेतु प्रेरित किया गया।इस अभियान का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में बच्चों के अधिकारों के संरक्षण, उनकी शिक्षा, सुरक्षा एवं समग्र विकास को सुनिश्चित करना है। ऐसे बालक जिनकी उम्र 14 वर्ष से कम है और जो बाल मजदूरी या भिक्षावृत्ति करने के लिए विवश हैं, उन्हें चिन्हित कर विशेष रेस्क्यू किया जा रहा है तथा लोगों को बाल अपराध व बाल श्रम के संबंध में जागरूक किया जा रहा है।
