महुआ शराब से दो ग्रामीणों की मौत पर रश्मि चंद्राकर ने सरकार को घेरा
शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई, अवैध शराब के पूरे नेटवर्क की हो उच्चस्तरीय जांच
महासमुंद। बसना विकासखंड के ग्राम पिताईपाली में कथित रूप से महुआ शराब पीने से दो ग्रामीणों की मौत के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। जिला कांग्रेस कमेटी की पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. रश्मि चंद्राकर ने घटना पर गहरा दुःख जताते हुए प्रशासन और राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गांव में लंबे समय से अवैध महुआ शराब की बिक्री की शिकायतें सामने आने के बावजूद समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
डॉ. रश्मि चंद्राकर ने कहा कि यह घटना केवल दो ग्रामीणों की मौत तक सीमित नहीं है, बल्कि अवैध शराब के कारोबार और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के अनुसार गांव में लंबे समय से खुलेआम महुआ शराब की बिक्री की जा रही थी और इसकी शिकायतें भी संबंधित विभागों तक पहुंचाई गई थीं। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं होने से आज दो परिवारों ने अपने सदस्यों को खो दिया।
उन्होंने आबकारी विभाग और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जब ग्रामीणों द्वारा अवैध शराब की बिक्री की जानकारी दी जा रही थी, तब समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उन्होंने कहा कि गांव-गांव में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
अवैध शराब के पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई की मांग
डॉ. चंद्राकर ने आरोप लगाया कि प्रदेश में अवैध शराब के कारोबार पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पा रहा है और इसका सबसे अधिक नुकसान गरीब एवं ग्रामीण परिवारों को उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि केवल छोटे स्तर पर कार्रवाई करने के बजाय अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
उच्चस्तरीय जांच और अधिकारियों की जवाबदेही की मांग
उन्होंने पिताईपाली मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। साथ ही पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच रिपोर्ट के तथ्यों को सार्वजनिक करने तथा दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि शिकायतों के बावजूद किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसकी जवाबदेही तय कर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
डॉ. रश्मि चंद्राकर ने राज्य सरकार से मृतकों के परिजनों को पर्याप्त आर्थिक सहायता देने, परिवार के एक सदस्य को रोजगार उपलब्ध कराने तथा क्षेत्र में अवैध शराब के खिलाफ विशेष अभियान चलाने की मांग की।
