राष्ट्रीय फोरम में गूंजा छत्तीसगढ़ के स्ट्रीट वेंडरों का मुद्दा

नई दिल्ली में एनएएसव्हीआई के इंडिया स्ट्रीट वेंडर फोरम-2026 में पंकज साहू और चमन सिन्हा ने लिया हिस्सा, अधिकारों और आजीविका संरक्षण पर हुई व्यापक चर्चा
महासमुंद। नई दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में 18 एवं 19 सितंबर को नेशनल एसोसिएशन ऑफ स्ट्रीट वेंडर्स ऑफ इंडिया (एनएएसव्हीआई ) के तत्वावधान में इंडिया स्ट्रीट वेंडर फोरम-2026 आयोजित किया गया। राष्ट्रीय स्तर के इस फोरम में देश के करीब 200 शहरों से स्ट्रीट वेंडर संगठनों के प्रतिनिधियों एवं नेतृत्वकर्ताओं ने हिस्सा लिया। छत्तीसगढ़ की ओर से पूर्व पार्षद एवं सामाजिक/आरटीआई कार्यकर्ता पंकज साहू तथा पूर्व जनपद सदस्य चमन सिन्हा ने सहभागिता की।
अधिकारों से लेकर बेदखली तक पर मंथन
फोरम में स्ट्रीट वेंडरों की आजीविका, अधिकारों और उनके संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने स्ट्रीट वेंडर्स (आजीविका संरक्षण एवं पथ विक्रय विनियमन) अधिनियम, 2014, सर्वेक्षण एवं पथ विक्रय प्रमाण-पत्र ( सीओव्ही), वेंडिंग जोन, सूचना का अधिकार, शिकायत निवारण प्रक्रिया, न्यायालयीन प्रक्रिया तथा बेदखली एवं उत्पीड़न से संरक्षण जैसे विषयों पर जानकारी दी। इसके अलावा स्ट्रीट वेंडरों के संगठन निर्माण, जनपक्षीय पैरवी, मीडिया की भूमिका और भविष्य की कार्ययोजना को लेकर भी मार्गदर्शन दिया गया।
‘क्विक रेफरेंस गाइड’ पुस्तक का विमोचन
कार्यक्रम में ‘स्ट्रीट वेंडर- क्विक रेफरेंस गाइड’ पुस्तक का विमोचन भी किया गया। पुस्तक में स्ट्रीट वेंडरों के अधिकारों और उनसे संबंधित कानूनी प्रावधानों की व्यावहारिक जानकारी दी गई है, जिससे वेंडरों को अपने अधिकारों और उपलब्ध कानूनी उपायों को समझने में मदद मिल सके।
फोरम में केंद्र सरकार के अधिकारियों, अधिवक्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न राज्यों से आए स्ट्रीट वेंडर संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। आयोजन को सफल बनाने में एनएएसव्हीआई के प्रमुख अरविंद, अध्यक्ष चंद्रप्रकाश तथा संगीता, कमल, अमित, सौरभ, परशुराम, राजीव सहित अन्य सहयोगियों की भूमिका रही।
छत्तीसगढ़ में अभियान आगे बढ़ाने पर जोर
पंकज साहू ने कहा कि स्ट्रीट वेंडर शहरी अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उनकी आजीविका से जुड़े अधिकारों की जानकारी और संरक्षण के लिए उन्हें संगठित एवं जागरूक करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली के राष्ट्रीय फोरम से प्राप्त जानकारी और अनुभव को छत्तीसगढ़ के स्ट्रीट वेंडरों तक पहुंचाया जाएगा तथा उनकी समस्याओं को उचित मंच पर उठाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में स्ट्रीट वेंडरों की सम्मानजनक आजीविका, वैधानिक अधिकारों के संरक्षण और समस्याओं के समाधान के लिए संवाद एवं जनजागरूकता अभियान को आगे बढ़ाया जाएगा।

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