विद्यार्थियों की उपस्थिति एवं विद्यालयीन व्यवस्थाओं का लिया जायजा

अनुपस्थित शिक्षक को कारण बताओं नोटिस जारी
गरियाबंद, 07 अगस्त 2026/ कलेक्टर बीएस उइके के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी राजेश चंद्राकर ने आज शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गरियाबंद, शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय नागाबुड़ा, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नागाबुड़ा एवं शासकीय हाई स्कूल नहरगांव का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता, विद्यार्थियों की उपस्थिति, सरस्वती साइकिल योजना, मध्यान्ह भोजन, गणवेश एवं पाठ्यपुस्तक वितरण, विद्यालय परिसर की साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था तथा शौचालयों की साफ-सफाई सहित अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान दौरान विकासखंड शिक्षा अधिकारी गजेन्द्र धु्रव भी उपस्थित थे।
शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गरियाबंद में जिला शिक्षा अधिकारी ने विद्यार्थियों से गणित विषय से संबंधित प्रश्न पूछकर उनकी विषयगत जानकारी ली। उन्होंने विद्यालय में रिक्त कालखंड में शिक्षकों की ड्यूटी लगाने तथा सभी कालखंडों में शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नागाबुड़ा में निर्धारित कालखंड में कक्षा से अनुपस्थित पाए जाने पर व्याख्याता कमलेश कुमार धु्रव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला नागाबुड़ा में विद्यार्थियों की बोलने की दक्षता का अवलोकन किया गया। विद्यार्थियों द्वारा बेहतर जानकारी देने पर उनकी सराहना करते हुए इसी प्रकार नियमित अध्ययन जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया। वहीं शासकीय हाई स्कूल नहरगांव में उन्होंने विद्यार्थियों को अंग्रेजी विषय में विशेष दक्षता विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को बोलचाल एवं विभिन्न गतिविधियों में अंग्रेजी भाषा के प्रयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाए। साथ ही विद्यालय की प्रयोगशाला में पंजी का नियमित एवं व्यवस्थित संधारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों से बातचीत करते हुए उन्हें नियमित अध्ययन, अनुशासन, समय के सदुपयोग तथा जीवन में उच्च लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा सफलता प्राप्त करने का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षण के साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, नियमित मूल्यांकन तथा नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों को अपनाने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने विद्यालयीन व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधार के लिए संबंधित अधिकारियों एवं शिक्षकों को निर्देश दिए।