बाढ़ एवं प्राकृतिक आपदा से निपटने जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद, 24 घंटे अलर्ट पर राहत एवं बचाव टीमें

कलेक्टर अमित कुमार की जिलेवासियों से अपील- “सुरक्षा नियमों का पालन करें, बहते पानी को पार न करें।
सुकमा, 31 जूलाई 2026/लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और नदी-नालों के उफान को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। कलेक्टर अमित कुमार स्वयं हालात की लगातार समीक्षा कर रहे हैं और सभी विभागों को राहत एवं बचाव कार्य के लिए 24 घंटे मुस्तैद रहने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने जिलेवासियों से अपील की है कि किसी भी परिस्थिति में बहते पानी, उफनते नालों या पुल-पुलियों को पार करने का प्रयास न करें। उन्होंने कहा कि थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है, इसलिए मौसम सामान्य होने तक सुरक्षित स्थानों पर रहें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
जिला प्रशासन ने बाढ़ एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए व्यापक तैयारियां कर ली हैं। सभी एसडीएम, तहसीलदार, नोडल अधिकारी और मैदानी अमले को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने तथा किसी भी आपात सूचना पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। नगरसेना की प्रशिक्षित रेस्क्यू टीमें नाव, लाइफ जैकेट और अन्य आधुनिक बचाव उपकरणों के साथ संवेदनशील क्षेत्रों में 24 घंटे तैनात हैं। आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, मरीजों, बुजुर्गों एवं जरूरतमंदों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
आम नागरिकों की सुविधा के लिए जिला एवं तहसील स्तर पर बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। किसी भी प्रकार की बाढ़, जलभराव, मार्ग अवरुद्ध होने अथवा किसी व्यक्ति के फंसे होने की सूचना तत्काल जिला नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर 07864-284012 पर दी जा सकती है। जिला स्तरीय नोडल अधिकारी डिप्टी कलेक्टर शबाब खान दृ 9340676224 को राहत एवं बचाव कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कलेक्टर ने नागरिकों से अफवाहों से दूर रहने और केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने की अपील की है।
प्रशासन ने अनुविभाग स्तर पर भी अधिकारियों की जिम्मेदारियां तय कर दी हैं। अनुविभाग छिंदगढ़ के लिए एसडीएम विजय प्रताप खेस 9977875252, अनुविभाग सुकमा के लिए एसडीएम सूरज कश्यप 9399973035 तथा अनुविभाग कोंटा के लिए एसडीएम सुमीत ध्रुव- 8770369308 को नोडल अधिकारी बनाया गया है। वहीं तहसील स्तर पर तहसीलदार कोंटा इरसाद अहमद (9406368008), तहसीलदार छिंदगढ़ दृ अंबर गुप्ता (8770777701), तहसीलदार सुकमा गिरीश निम्बालकर (7999907939), तहसीलदार गादीरास आनंद कुमार गुर्दे (7000692984), तहसीलदार दोरनापाल, जगरगुंडा योपेन्द्र कुमार पात्रे (9770879003) तथा तहसीलदार तोंगपाल अनिल कुमार ध्रुव (8889746100) को राहत एवं बचाव कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कलेक्टर अमित कुमार ने कहा है कि जिला प्रशासन नागरिकों की सुरक्षा और सहायता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा हर चुनौती से निपटने के लिए सभी आवश्यक संसाधनों के साथ तैयार है। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की है कि किसी भी आपात स्थिति में बिना देर किए नियंत्रण कक्ष अथवा संबंधित एसडीएम और तहसीलदार से संपर्क करें। प्रशासन की सतर्कता, अधिकारियों की मुस्तैदी और आम नागरिकों के सहयोग से मानसून के दौरान किसी भी संभावित आपदा का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सकेगा।

इन्हें भी पढ़े