‘लक्ष्मी मिलेट कैफे’ का शुभारंभ, मिलेट को जन-जन तक पहुंचाने की पहल
साथी परियोजना के तहत गर्ल्स कॉलेज परिसर में शुरू हुआ कैफे, पोषण, महिला उद्यमिता और ‘लखपति दीदी’ अभियान को मिलेगा बढ़ावा
महासमुंद। साथी परियोजना के अंतर्गत गवर्नमेंट आर्ट्स एंड कॉमर्स गर्ल्स कॉलेज, रायपुर में ‘लक्ष्मी मिलेट कैफे’ का शुभारंभ किया गया। कैफे का उद्देश्य मिलेट आधारित पौष्टिक खाद्य पदार्थों को बढ़ावा देना, लोगों को इनके स्वास्थ्य लाभों के प्रति जागरूक करना तथा महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित करना है।
राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर ने फीता काटकर कैफे का उद्घाटन किया। इस अवसर पर पूर्व बाल संरक्षण आयोग अध्यक्ष शताब्दी पाण्डेय, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के नोडल अधिकारी डॉ. गजेन्द्र चंद्राकर, उच्च शिक्षा विभाग के अपर संचालक डॉ. अमिताभ बनर्जी, वरिष्ठ समाजसेवी संजय जोशी तथा महाविद्यालय की प्राचार्य ऊषा किरण अग्रवाल उपस्थित रहीं।
अपने संबोधन में चंद्रहास चंद्राकर ने कहा कि मिलेट भारत की पारंपरिक खाद्य संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से मिलेट को मिली वैश्विक पहचान की सराहना करते हुए इसे स्वस्थ जीवनशैली की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
डॉ. गजेन्द्र चंद्राकर ने जल संरक्षण, पोषण और सतत विकास के परस्पर संबंध पर प्रकाश डालते हुए स्थानीय खाद्य प्रणालियों को आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव बताया। वहीं शताब्दी पाण्डेय ने मिलेट को स्वस्थ जीवन का सरल और प्रभावी विकल्प बताते हुए इसे नियमित आहार में शामिल करने की अपील की।
प्राचार्य ऊषा किरण अग्रवाल ने बताया कि कॉलेज परिसर में स्थापित मिलेट कैफे के माध्यम से छात्राओं को पौष्टिक व्यंजन उपलब्ध होंगे, साथ ही महिला उद्यमिता और ‘लखपति दीदी’ परियोजना को भी नई गति मिलेगी। कार्यक्रम का संचालन डॉ. रवि शर्मा एवं आभार प्रदर्शन डॉ. रीता लुका ने किया। साथी परियोजना की ओर से राज्य प्रमुख अनुराग लाल सहित अन्य पदाधिकारी एवं विशेषज्ञ भी उपस्थित रहे।
