जिले की मत्स्य सहकारी समितियों की समीक्षा बैठक संपन्न
मत्स्य पालन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर
सूरजपुर/16 जुलाई 2026/ कलेक्ट्रेट सभा कक्ष, सूरजपुर में उप आयुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं अनिल कुमार बनज की अध्यक्षता में जिले की मत्स्य सहकारी समितियों के अध्यक्षों एवं प्राधिकृत अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें समितियों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए मत्स्य पालन विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में अंकेक्षण प्रगति, निर्वाचन संबंधी कार्य, तालाब एवं जलाशय लीज प्रकरण तथा लेखा पुस्तकों के अद्यतन संधारण सहित विभिन्न प्रशासनिक एवं वित्तीय विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान समस्त लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि समितियों की कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी एवं व्यवस्थित हो सके।
बैठक में सहायक संचालक, मछली पालन विभाग ई.एम.ए.एस. सोनवानी ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई), राष्ट्रीय डिजिटल मत्स्यिकी प्लेटफॉर्म (एनएफडीपी) में पंजीयन, किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी), मत्स्य बीज उत्पादन, तालाब विकास, जलाशय आधारित मत्स्य पालन तथा अन्य विभागीय योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने समितियों से अधिक से अधिक पात्र मत्स्य पालकों को इन योजनाओं का लाभ दिलाने का आग्रह करते हुए योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार पर बल दिया।
इस अवसर पर मत्स्य निरीक्षक डिगेश्वर सिंह (ओड़गी/भैयाथान) ने स्पॉन संवर्धन प्रबंधन एवं गुणवत्तायुक्त मछली बीज उत्पादन पर तकनीकी प्रस्तुति दी। उन्होंने स्पॉन संवर्धन हेतु तालाब की वैज्ञानिक तैयारी, जल गुणवत्ता प्रबंधन, उपयुक्त स्टॉकिंग घनत्व, संतुलित आहार, रोगों की रोकथाम तथा स्पॉन से फ्राई एवं फिंगरलिंग तैयार करने की वैज्ञानिक विधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गुणवत्तायुक्त मत्स्य बीज का उपयोग, वैज्ञानिक प्रबंधन एवं विभागीय तकनीकी मार्गदर्शन अपनाकर मत्स्य उत्पादन एवं उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है, जिससे मत्स्य पालकों की आय में भी वृद्धि होगी। इस दौरान उन्होंने समिति पदाधिकारियों से आधुनिक मत्स्य पालन तकनीकों को गांव-गांव तक पहुँचाने का आग्रह किया।
उप आयुक्त सहकारिता अनिल कुमार बनज ने कहा कि मत्स्य सहकारी समितियाँ शासन एवं मत्स्य पालकों के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने समितियों को पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करने, अभिलेखों का नियमित संधारण करने, समय पर अंकेक्षण पूर्ण कराने तथा शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के निर्देश दिए। उन्होंने ’’सहकार से समृद्धि’’ की अवधारणा को साकार करने के लिए समितियों की सक्रिय भागीदारी पर विशेष बल दिया।
बैठक में समितियों की समस्याओं एवं सुझावों पर भी विस्तार से चर्चा करते हुए उनके निराकरण हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने सभी समितियों से समन्वय के साथ कार्य करते हुए मत्स्य उत्पादन में वृद्धि, मत्स्य पालकों की आय बढ़ाने तथा विभागीय योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
बैठक में अनिल कुमार बनज, उप आयुक्त सहकारिता, ई.एम.ए.एस. सोनवानी, सहायक संचालक मछली पालन विभाग, दिलीप दुबे, सीसीबी नोडल अधिकारी, डिगेश्वर सिंह, मत्स्य निरीक्षक (ओड़गी/भैयाथान), निलेश कुमार साहू, मत्स्य निरीक्षक (प्रतापपुर), संजीव कुमार, मत्स्य निरीक्षक (रामानुजनगर) एवं कु. अलका सिंह, मत्स्य निरीक्षक (प्रेमनगर) सहित जिले की विभिन्न मत्स्य सहकारी समितियों के अध्यक्ष, प्राधिकृत अधिकारी एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
