धान खरीदी घोटाला: 40.96 लाख की अनियमितता में फरार समिति प्रभारी गिरफ्तार
ऑनलाइन रिकॉर्ड और भौतिक सत्यापन में 1321.6 क्विंटल धान गायब मिला, ग्राम मोखा से घेराबंदी कर दबोचा
महासमुंद। जिले के बाघामुड़ा धान उपार्जन केंद्र में लगभग 40.96 लाख रुपये की धान खरीदी अनियमितता के मामले में फरार चल रहे समिति प्रभारी को बागबाहरा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण, मोबाइल सीडीआर और लगातार ट्रैकिंग के आधार पर आरोपी को ग्राम मोखा से घेराबंदी कर दबोचा। न्यायालय में पेश करने के बाद उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, 24 जनवरी 2026 को मुनगासेर शाखा के शाखा प्रबंधक सेवकराम चंद्राकर ने थाना बागबाहरा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि बाघामुड़ा धान उपार्जन केंद्र के ऑनलाइन रिकॉर्ड में 1,25,878 कट्टा धान उपलब्ध दर्शाया गया था, जबकि भौतिक सत्यापन के दौरान मौके पर केवल 1,22,574 कट्टा धान ही पाया गया। इस प्रकार 3304 कट्टा (1321.6 क्विंटल) धान कम मिला।
समर्थन मूल्य 3,100 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से गायब धान की कुल कीमत 40 लाख 96 हजार 960 रुपये आंकी गई। मामले में तत्कालीन समिति प्रभारी प्रेमसिंह ध्रुव के विरुद्ध अपराध क्रमांक 12/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316(5) में अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी।
प्रकरण दर्ज होने के बाद से आरोपी फरार था। उसकी तलाश के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही थी। विवेचना के दौरान आरोपी के मोबाइल की सीडीआर और लोकेशन का तकनीकी विश्लेषण किया गया, जिससे उसके ग्राम मोखा में होने की सूचना मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान प्रेमसिंह ध्रुव (42 वर्ष), पिता धनीराम ध्रुव, निवासी ग्राम मोखा, थाना कोमाखान, जिला महासमुंद के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी को शुक्रवार को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। मामले की विवेचना जारी है।
