सुभाष चंद्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार के लिए नामांकन शुरू
-आपदा प्रबंधन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले नायकों की पहचान और नामांकन को मिलेगा बढ़ावा
दुर्ग, 25 जून 2026/ आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को सम्मानित करने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष दिए जाने वाले ’सुभाष चंद्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार’ के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस संबंध में भारत सरकार के गृह सचिव गोविंद मोहन द्वारा राज्य में व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के दिशा-निर्देश दिए गए है। उल्लेखनीय है कि यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रतिवर्ष 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर प्रदान किया जाता है। पुरस्कार दो श्रेणियों – व्यक्तिगत (प्रशस्ति पत्र एवं पदक) तथा संस्थागत (प्रशस्ति पत्र एवं पट्टिका) में दिया जाता है, जिसके नामांकन पूरे वर्ष राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल के माध्यम से खुले रहते हैं। इसमें स्व-नामांकन और तृतीय पक्ष नामांकन दोनों की व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है। वर्तमान में जलवायु परिवर्तन और तीव्र शहरीकरण के कारण बाढ़, सूखा, लू (हीट वेव), शीत लहर, बिजली (लाइटनिंग), शहरी बाढ़ और औद्योगिक दुर्घटनाओं जैसी आपदाओं के जोखिम लगातार जटिल होती जा रही हैं। इन चुनौतियों के बीच जन-जीवन, आजीविका और अवसंरचना की सुरक्षा के लिए राज्य सरकारों तथा जिला प्रशासनों द्वारा आपदा जोखिम न्यूनीकरण, शमन और तैयारियों के क्षेत्र में सराहनीय प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में केंद्र सरकार ने आग्रह किया है कि पुरस्कार से संबंधित जानकारी को राज्य के सभी विभागों, जिला प्रशासन, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों, अनुसंधान संस्थानों तथा स्थानीय निकायों तक प्रसारित किया जाए। साथ ही, आपदा प्रबंधन, पूर्व चेतावनी प्रसार, जलवायु अनुकूलन, आपदा-रोधी अवसंरचना और सामुदायिक आपदा जोखिम न्यूनीकरण में उत्कृष्ट कार्य करने वाले नायकों की पहचान कर उनके नामांकन को प्रोत्साहित किया जाए ताकि राष्ट्रीय स्तर पर राज्य के आपदा लचीलेपन को मजबूत पहचान मिल सके।
