पीएम-आशा योजना के तहत रबी फसलों की खरीदी जारी, सरसों उपार्जन में तेजी

तीन केंद्रों पर समर्थन मूल्य पर खरीदी, किसानों को पंजीयन बढ़ाने का आह्वान
महासमुंद। प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा) की प्राइस सपोर्ट स्कीम के तहत रबी विपणन वर्ष 2025-26 में जिले में दलहन एवं तिलहन फसलों की खरीदी लगातार जारी है। जिले के तीन उपार्जन केंद्र कृषि उपज मंडी बसना, सरायपाली और पिटियाझर में समर्थन मूल्य पर किसानों से उपज की खरीदी की गई।
उप संचालक कृषि एफ.आर. कश्यप ने जानकारी देते हुए बताया कि कृषि उपज मंडी बसना में ग्राम बेलटिकरी के कृषक चिन्तामणी पटेल से 106 क्विंटल सरसों बीज का उपार्जन किया गया। इसके अलावा 12 अन्य किसानों से 232.50 क्विंटल उपज खरीदी गई, जिससे कुल 338.50 क्विंटल उपार्जन दर्ज हुआ। वहीं, सरायपाली केंद्र में 4 किसानों से 11 क्विंटल सरसों तथा पिटियाझर केंद्र में 1 किसान से 6 क्विंटल सरसों की खरीदी की गई।
खरीदी प्रक्रिया के दौरान विभागीय अधिकारियों, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों एवं समिति प्रबंधकों की उपस्थिति में सरसों की गुणवत्ता जांच, तौल प्रक्रिया और व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया। किसानों को समर्थन मूल्य पर उपज विक्रय की प्रक्रिया की जानकारी देते हुए पारदर्शी एवं सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
वर्तमान में समर्थन मूल्य चना के लिए 5875 रुपये प्रति क्विंटल, मसूर के लिए 7000 रुपये प्रति क्विंटल तथा सरसों के लिए 6200 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।
उप संचालक कृषि श्री कश्यप ने बताया कि किसानों को अधिक अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से ई-समृद्धि पोर्टल पर पंजीयन की अंतिम तिथि बढ़ाई गई है। सरसों के लिए पंजीयन की अंतिम तिथि 30 अप्रैल 2026 तथा चना के लिए 15 मई 2026 निर्धारित की गई है। उन्होंने जिले के सभी 6 उपार्जन केंद्र पिटियाझर, सिर्रीपठारीमुड़ा, कोमाखान, पिथौरा, बसना एवं सरायपाली के माध्यम से अधिक से अधिक किसानों से पंजीयन कराने और योजना का लाभ लेने का आह्वान किया।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शासन किसानों की आय में वृद्धि के लिए लगातार प्रयासरत है। 24 अप्रैल 2026 तक जिले में कुल 27 किसानों से 9.43 क्विंटल चना एवं 404.51 क्विंटल सरसों की खरीदी की जा चुकी है।