मनोरमा इंडस्ट्रीज में संयुक्त टीम का निरीक्षण, श्रम विभाग ने नोटिस जारी करने के दिए निर्देश

परिवहन, उद्योग और पर्यावरण विभाग ने दी क्लीन चिट, लेकिन ओवरटाइम रिकॉर्ड व सूचना बोर्ड में खामियां उजागर
महासमुंद। जिला स्तरीय गठित संयुक्त टीम ने परसवानी रोड स्थित बिरकोनी इंडस्ट्रियल एरिया में संचालित मनोरमा इंडस्ट्रीज लिमिटेड का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने प्लांट की कार्यप्रणाली, नियमों के पालन और कर्मचारियों से जुड़ी व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया।
निरीक्षण टीम में जिला परिवहन अधिकारी रामकुमार ध्रुव, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के प्रबंधक दिनेश कंवर, श्रम विभाग के श्रम पदाधिकारी डी.एन. पात्र, पर्यावरण विभाग की मुख्य रसायनज्ञ नीलिमा सोनकर, विधिक माप विज्ञान विभाग के निरीक्षक सिद्धार्थ दुबे तथा श्रम उप निरीक्षक बेलारसन बघेल शामिल रहे।
जांच के दौरान परिवहन विभाग और उद्योग विभाग द्वारा किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं पाई गई। वहीं पर्यावरण विभाग की जांच में प्लांट का संचालन सुचारू एवं मानकों के अनुरूप पाया गया, जिससे समग्र स्थिति सामान्य रही। विधिक माप विज्ञान विभाग ने भी माप-तौल से संबंधित सभी प्रक्रियाओं को सही पाया तथा तौल यंत्र सत्यापित मिले। विभाग द्वारा सामान्य दिशा-निर्देशों के पालन की पुष्टि की गई।
हालांकि श्रम विभाग की जांच में कुछ खामियां सामने आईं। निरीक्षण के दौरान संविदा श्रमिक अधिनियम 1970, न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948, समान पारिश्रमिक अधिनियम 1976 एवं वेतन भुगतान अधिनियम 1936 के तहत परीक्षण किया गया। फैक्ट्री में 262 स्थानीय कर्मचारी, 148 अन्य राज्यों के अति उच्च कुशल कर्मचारी तथा ठेकेदारों के माध्यम से 222 स्थानीय श्रमिक कार्यरत पाए गए।
जांच में यह पाया गया कि कर्मचारियों से संबंधित रिकॉर्ड संधारित तो हैं, लेकिन निरीक्षण के दौरान प्रस्तुत नहीं किए गए। साथ ही ठेकेदारों द्वारा ओवरटाइम कराया जाना सामने आया, लेकिन उससे संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया।
इसके अलावा सूचना बोर्ड तो प्रदर्शित मिला, लेकिन उसमें आवश्यक जानकारी का अभाव पाया गया। इन कमियों को गंभीरता से लेते हुए प्रबंधन और ठेकेदारों को नोटिस जारी करने की कार्रवाई की जा रही है।
सकारात्मक पक्ष यह रहा कि संस्थान में आंतरिक परिवाद समिति का गठन किया जाना पाया गया, जो श्रमिक हितों की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।