संपूर्णता अभियान 2.0 से आकांक्षी ब्लॉकों में तेजी से हो रहा समग्र विकास

स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, कृषि और आधारभूत सुविधाओं में संतृप्ति की दिशा में केंद्र-राज्य का संयुक्त प्रयास: कलेक्टर
सामुदायिक भागीदारी, नवाचारों के संस्थाकरण और योजनाओं की अंतिम व्यक्ति तक पहुँच सुनिश्चित करने पर विशेष फोकस
गरियाबंद, 30 जनवरी 2026/नीति आयोग द्वारा संपूर्णता अभियान 2.0 के तहत आकांक्षी जिलों एवं आकांक्षी ब्लॉकों में समग्र और संतुलित विकास को गति देने के उद्देश्य से आज जिला पंचायत के सभाकक्ष में कलेक्टर बीएस उइके, जिला पंचायत के सीईओ प्रखर चंद्राकर, जिला पंचायत के उपाध्यक्ष श्रीमती लालिमा ठाकुर, जनपद अध्यक्ष गरियाबंद के अध्यक्ष सोहन धु्रव, जनपद पंचायत के उपाध्यक्ष लेखराम साहू की उपस्थिति में शुभारंभ किया गया। उल्लेखनीय है कि गरियाबंद जिले के ब्लॉक मैनपुर एवं गरियाबंद के आकांक्षी ब्लॉक के रूप में शामिल किया गया है। इन ब्लॉकों के विकास के लिए केंद्र एवं राज्य शासन द्वारा विशेष प्रयास किया जा रहे है। आकांक्षी जिला कार्यक्रम की शुरुआत पिछड़े क्षेत्रों के तीव्र और समावेशी विकास के लक्ष्य के साथ की गई थी। इसमें स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, कृषि, जल संसाधन, वित्तीय समावेशन तथा आधारभूत संरचना जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सुधार कर नागरिकों के जीवन स्तर को ऊँचा उठाना है।
आकांक्षी जिला कार्यक्रम की सफलता को देखते हुए आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम प्रारंभ किया गया, जिसके जिल़े के गरियाबंद एवं मैनपुर ब्लॉक को शामिल किया गया है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे और ब्लॉक स्तर पर संतुलित विकास हो सके। आकांक्षी जिला एवं ब्लॉक कार्यक्रम के अंतर्गत संपूर्णता अभियान 1.0 जुलाई से सितंबर 2024 तक संचालित किया गया था। यह तीन माह का लक्षित अभियान था, जिसका उद्देश्य चयनित संकेतकों में तीव्र एवं मापनीय सुधार लाना रहा। अभियान के दौरान स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं सामाजिक विकास से जुड़े संकेतकों पर विशेष ध्यान दिया गया तथा समुदाय, स्वयं सहायता समूहों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ अधिकारी-कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी रही।
जिले में संपूर्णता अभियान 1.0 के अंतर्गत जिले को राष्ट्रिय स्तर पर पुरस्कृत किया गया है। जिसमें प्रसव पूर्व पंजीकरण, बच्चों के टीकाकरण, बच्चों का वजन मधुमेह एवं उच्च रक्तचाप की जांच में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। विद्यालयों में पाठ्यपुस्तकों का समय पर वितरण लगभग सार्वभौमिक स्तर तक पहुँचा। मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरण एवं स्वयं सहायता समूहों को रिवॉल्विंग फंड उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दिया गया। जिससे स्थानीय उद्यमिता और आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहन मिला। इन्हीं प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए संपूर्णता अभियान 2.0 की शुरुआत की गई है।
इस अभियान का उद्देश्य नए और महत्त्वपूर्ण संकेतकों में संतृप्ति प्राप्त करना, अभियान 1.0 के तहत हासिल प्रगति को स्थायी बनाना, सफल नवाचारों एवं प्रक्रियाओं को संस्थागत करना तथा विभिन्न विभागों और योजनाओं के बीच समन्वय को और अधिक मजबूत करना है। साथ ही स्वयं सहायता समूहों, स्थानीय नेतृत्व एवं समुदाय की भागीदारी बढ़ाया गया। संपूर्णता अभियान 2.0 के अंतर्गत कार्यक्रम का फोकस मुख्य रूप से स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा और कृषि पर केंद्रित है। इसके तहत 6 माह से 6 वर्ष तक के बच्चों को आईसीडीएस कार्यक्रम के अंतर्गत नियमित पूरक पोषण उपलब्ध कराना, आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों की नियमित माप-तौल सुनिश्चित करना, कार्यरत आंगनवाड़ी केंद्रों में कार्यशील शौचालय एवं पेयजल सुविधा उपलब्ध कराना, विद्यालयों में बालिकाओं के लिए पर्याप्त शौचालय सुविधा सुनिश्चित करना तथा पशुओं में एफएमडी (खुरपका-मुंहपका) के टीकाकरण की कवरेज बढ़ाना शामिल है। इन संकेतकों के माध्यम से कुपोषण को कम करने, स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच बढ़ाने, बालिकाओं की विद्यालय में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा कृषि एवं पशुपालन को सुदृढ़ करने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रशासन का मानना है कि संपूर्णता अभियान 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन से आकांक्षी जिलों और ब्लॉकों में समग्र विकास को नई दिशा और गति मिलेगी। संपूर्णता अभियान 2.0 कार्यक्रम अंतर्गत महिला एवं बाल विकास विभाग को 04, शिक्षा एवं पशुधन विभाग को 1-1 इंडिकेटर पर काम किया जाना है। कार्यक्रम के दौरान आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम में कार्य करने की शपथ दिलाई गई तथा कलेक्टर एवं अतिथियों ने संपूर्णता अभियान 2.0 अंतर्गत गुब्बारा उड़ाया साथ ही संपूर्णता अभियान 2.0 के शेल्फी पांइट पर फोटो लिये।

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